Asian Games 2026 Hockey : एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में डिफेंडिंग चैंपियन भारत ने मलेशिया को 5-1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न केवल अपना खिताब बरकरार रखा, बल्कि 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। भारत की इस जीत में कप्तान हरमनप्रीत सिंह का अहम योगदान रहा।
हरमनप्रीत सिंह ने दागे दो गोल
भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने दो गोल किए। उन्होंने मुकाबले के 11वें और 57वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गोल दागे। इसके अलावा जोगराज सिंह ने 23वें मिनट, हार्दिक सिंह ने 42वें मिनट और शिलानंद लाकरा ने 54वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त मजबूत की। मलेशिया की ओर से एकमात्र गोल शेलो सिलवीरियस ने किया।
भारत ने रचा एशियन गेम्स में इतिहास
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया। इससे पहले भारत ने 2023 में भी हॉकी का गोल्ड मेडल जीता था। एशियन गेम्स हॉकी में यह भारत का कुल पांचवां स्वर्ण पदक है। भारत इससे पहले 1966, 1998, 2014 और 2023 में चैंपियन बन चुका है।
पहली बार पुरुष और महिला टीम ने साथ जीता गोल्ड
भारत के लिए यह एशियन गेम्स इसलिए भी खास रहा क्योंकि पहली बार भारतीय पुरुष और महिला हॉकी टीमों ने एक ही संस्करण में स्वर्ण पदक जीता है। पुरुष टीम ने फाइनल में मलेशिया को हराया, जबकि महिला टीम ने भी अपने मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया। इस उपलब्धि ने भारतीय हॉकी के लिए एक खास रिकॉर्ड कायम किया।
पहले क्वार्टर में दोनों टीमें बराबर
फाइनल मुकाबले की शुरुआत दोनों टीमों के बीच कड़े संघर्ष के साथ हुई। पहले क्वार्टर में भारत और मलेशिया ने एक-एक गोल किया और स्कोर 1-1 रहा। इस दौरान भारत के पास करीब 60 प्रतिशत गेंद का कब्जा था, जबकि मलेशिया के पास 40 प्रतिशत पजेशन रहा। 11वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे हरमनप्रीत ने शानदार ड्रैग फ्लिक से गोल में बदल दिया।
मलेशिया ने तुरंत की बराबरी
भारत को बढ़त मिलने के कुछ ही समय बाद मलेशिया ने वापसी कर ली। शेलो सिलवीरियस ने गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। भारतीय टीम शुरुआती गोल का जश्न पूरी तरह मना भी नहीं पाई थी कि मलेशिया ने मुकाबले में वापसी कर ली। पहले क्वार्टर के अंत तक दोनों टीमें बराबरी पर रहीं।
जोगराज ने दिलाई भारत को बढ़त
दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने एक बार फिर आक्रामक खेल दिखाया। 23वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला और जोगराज सिंह ने इस मौके को गोल में बदल दिया। उनके गोल की बदौलत भारत ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इस क्वार्टर में मलेशिया ने भी कई बार भारतीय डिफेंस को चुनौती दी, लेकिन भारतीय रक्षापंक्ति ने हर प्रयास को नाकाम किया।
हार्दिक सिंह ने बढ़त को किया मजबूत
तीसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया। 42वें मिनट में भारतीय टीम को पेनल्टी स्ट्रोक मिला। हार्दिक सिंह ने बिना कोई गलती किए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया। इसके साथ भारत ने स्कोर 3-1 कर लिया। तीसरे क्वार्टर में मलेशिया को पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला, लेकिन वह उसे गोल में बदल नहीं सका।
आखिरी क्वार्टर में भारत के दो गोल
चौथे और अंतिम क्वार्टर में भारतीय टीम ने पूरी तरह अपना दबदबा बनाए रखा। 54वें मिनट में शिलानंद लाकरा ने गोल करके भारत की बढ़त 4-1 कर दी। इसके कुछ ही मिनट बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 57वें मिनट में एक और गोल दाग दिया। इसके साथ भारत ने फाइनल मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया और एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार हॉकी गोल्ड हासिल किया।
ओलंपिक 2028 का टिकट हुआ पक्का
मलेशिया के खिलाफ फाइनल जीतने के साथ भारत ने एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक तो जीता ही, साथ ही लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक के लिए भी अपनी जगह पक्की कर ली। भारतीय टीम ने पूरे मुकाबले में आक्रामक हॉकी, मजबूत डिफेंस और पेनल्टी कॉर्नर का प्रभावी इस्तेमाल किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह समेत पूरी टीम के प्रदर्शन ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई।
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