Supplements for Aging: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव होने लगते हैं। इस दौरान मांसपेशियों का द्रव्यमान कम होना, हड्डियों का कमजोर होना और मेटाबॉलिज्म की गति धीमी होना आम प्रक्रिया मानी जाती है। इन बदलावों के कारण शारीरिक ताकत घट सकती है और शरीर में फैट बढ़ने की संभावना भी रहती है। हालांकि, संतुलित डाइट, नियमित एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और जरूरत के अनुसार कुछ सप्लीमेंट्स के इस्तेमाल से मांसपेशियों और शारीरिक क्षमता को बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
क्रिएटिन मसल्स और ताकत के लिए उपयोगी
क्रिएटिन उन सप्लीमेंट्स में शामिल है, जिनका इस्तेमाल मांसपेशियों की ताकत और एक्सरसाइज क्षमता को सपोर्ट करने के लिए किया जाता है। यह शरीर में हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान ऊर्जा उपलब्ध कराने में भूमिका निभाता है। खासकर रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करने वाले उम्रदराज लोगों में क्रिएटिन के साथ लीन मसल मास और ताकत में सुधार देखा गया है। हालांकि, इसे शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।
विटामिन डी से हड्डियों और मांसपेशियों को सपोर्ट
विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसके अलावा यह सामान्य मांसपेशी कार्य में भी भूमिका निभाता है। अगर किसी व्यक्ति में विटामिन डी की कमी है, तो कमी को पूरा करने से शारीरिक क्षमता और मांसपेशियों के कार्य में सुधार हो सकता है। वहीं, जिन लोगों का विटामिन डी स्तर पहले से पर्याप्त है, उनके लिए अतिरिक्त मात्रा लेने से ताकत बढ़ने के प्रमाण सीमित हैं।
ओमेगा-3 फैटी एसिड का क्या है फायदा?
ओमेगा-3 फैटी एसिड को शरीर में सूजन से जुड़े तंत्र और मांसपेशियों में प्रोटीन निर्माण जैसी प्रक्रियाओं से जोड़ा जाता है। कुछ शोधों में ओमेगा-3 के सेवन से मांसपेशियों की ताकत में हल्का सुधार देखने को मिला है। हालांकि, सभी अध्ययनों के परिणाम एक जैसे नहीं रहे हैं। इसलिए इसे मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने का निश्चित उपाय नहीं माना जा सकता। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना अधिक महत्वपूर्ण है।
मैग्नीशियम मांसपेशियों के लिए जरूरी
मैग्नीशियम शरीर में कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। यह नर्व सिग्नलिंग और मांसपेशियों के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक खनिज है। अगर किसी व्यक्ति में मैग्नीशियम की कमी है, तो पर्याप्त मात्रा में इसे लेने से शारीरिक क्षमता बेहतर होने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जिन लोगों के शरीर में मैग्नीशियम का स्तर सामान्य है, उनमें अतिरिक्त सप्लीमेंट लेने से ताकत बढ़ने के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
प्रोटीन पाउडर पूरी कर सकता है प्रोटीन की जरूरत
उम्र बढ़ने के साथ पर्याप्त प्रोटीन लेना मांसपेशियों को बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। जिन लोगों की डाइट से प्रोटीन की जरूरत पूरी नहीं हो पाती, उनके लिए प्रोटीन पाउडर एक सुविधाजनक विकल्प हो सकता है। खासकर रेजिस्टेंस ट्रेनिंग के साथ पर्याप्त प्रोटीन लेने से लीन मसल मास और ताकत को बनाए रखने या बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, सप्लीमेंट के साथ अंडे, दाल, दूध, पनीर, मछली और अन्य प्रोटीन स्रोतों को भी आहार में शामिल करना चाहिए।
सप्लीमेंट्स लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूरी
इन पांचों सप्लीमेंट्स को उम्र बढ़ने के दौरान ताकत बनाए रखने में संभावित रूप से उपयोगी माना जाता है, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इनकी जरूरत अलग हो सकती है। किसी सप्लीमेंट का फायदा खासतौर पर तब अधिक हो सकता है, जब शरीर में संबंधित पोषक तत्व की कमी हो। इसलिए बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के सप्लीमेंट शुरू करना उचित नहीं है। नियमित रेजिस्टेंस एक्सरसाइज, संतुलित डाइट और पर्याप्त प्रोटीन को स्वस्थ उम्र बढ़ने की बुनियाद माना जाना चाहिए।
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