Lausanne Diamond League : लॉजेन डायमंड लीग में भारतीय स्टार भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा को एक बार फिर श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे के हाथों करीबी हार का सामना करना पड़ा। शुक्रवार रात हुए रोमांचक मुकाबले में पथिरागे ने नीरज को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ दिया। इस सीजन में दोनों के बीच हुई तीनों भिड़ंत में श्रीलंकाई एथलीट ने बाजी मारी है। लगातार मिल रही जीत के कारण पथिरागे अब नीरज के नए और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर चुके हैं।
दूसरे प्रयास में नीरज ने बनाई बढ़त
मुकाबले की शुरुआत में नीरज चोपड़ा ने 83.54 मीटर का थ्रो किया। हालांकि, पहले राउंड के बाद वह पथिरागे से पीछे चल रहे थे। भारतीय स्टार ने दूसरे राउंड में शानदार वापसी करते हुए 88.05 मीटर का बेहतरीन थ्रो किया। इस प्रयास के साथ नीरज ने प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर लिया और कुछ समय के लिए ऐसा लगा कि वह अपने श्रीलंकाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीत का रास्ता खोज चुके हैं।
पथिरागे ने तीसरे प्रयास में पलटा मैच
नीरज की बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। रुमेश थरंगा पथिरागे ने तीसरे राउंड में जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए 88.14 मीटर का थ्रो कर दिया। इस प्रयास ने उन्हें दोबारा शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया। इसके बाद वह प्रतियोगिता के अंत तक अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहे। नीरज के 88.05 मीटर के मुकाबले पथिरागे का प्रदर्शन सिर्फ 0.09 मीटर बेहतर रहा।
एंडरसन पीटर्स को मिला तीसरा स्थान
लॉजेन डायमंड लीग के इस मुकाबले में ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स ने तीसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 86.69 मीटर का थ्रो किया। इस तरह पोडियम पर पथिरागे पहले, नीरज दूसरे और पीटर्स तीसरे स्थान पर रहे। मुकाबले में पहले दो खिलाड़ियों के बीच बेहद मामूली अंतर ने प्रतियोगिता को खासा रोमांचक बना दिया।
2026 में तीनों मुकाबले पथिरागे के नाम
रुमेश थरंगा पथिरागे के लिए यह जीत उनके शानदार 2026 सीजन को और मजबूत करती है। इस साल नीरज चोपड़ा और पथिरागे की तीन बार भिड़ंत हुई और तीनों ही मुकाबलों में श्रीलंकाई खिलाड़ी विजेता रहे। जून में दोहा डायमंड लीग में पथिरागे ने 88.68 मीटर का थ्रो करके नीरज को पीछे छोड़ा था। इसके बाद ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में भी उन्होंने गोल्ड मेडल जीता, जबकि नीरज को सिल्वर से संतोष करना पड़ा।
चौथे राउंड में नीरज का प्रयास फाउल
तीसरे प्रयास में बढ़त गंवाने के बाद नीरज के लिए मुकाबला मुश्किल होता चला गया। भारतीय खिलाड़ी ने तीसरे राउंड में 83.72 मीटर का थ्रो किया। चौथे प्रयास में उनका थ्रो फाउल हो गया, जिससे वापसी की उनकी संभावनाओं को झटका लगा। पांचवें राउंड में नीरज ने अपनी बारी छोड़ने का फैसला किया। दूसरी ओर पथिरागे का भी एक प्रयास फाउल रहा, लेकिन इससे शीर्ष क्रम में कोई बदलाव नहीं आया।
आखिरी प्रयास तक बनी रही रोमांचक स्थिति
प्रतियोगिता के अंतिम चरण में दोनों खिलाड़ियों के बीच अंतर बेहद कम था। नीरज के पास पथिरागे को पीछे छोड़ने का मौका था, लेकिन वह अपने 88.05 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास से आगे नहीं निकल सके। पथिरागे का 88.14 मीटर का थ्रो निर्णायक साबित हुआ। सिर्फ नौ सेंटीमीटर का यह अंतर बताता है कि मुकाबला कितना करीबी रहा।
लॉजेन डायमंड लीग का पूरा परिणाम
लॉजेन में पथिरागे ने 88.14 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया। नीरज चोपड़ा 88.05 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे। एंडरसन पीटर्स 86.69 मीटर के साथ तीसरे, केशॉर्न वॉलकॉट 83.71 मीटर के साथ चौथे और मार्क एंथनी मिनिकेलो 80.06 मीटर के साथ पांचवें स्थान पर रहे। कर्टिस थॉम्पसन ने 78.13, जाकुब वाडलेच ने 77.32, आर्तुर फेल्फनर ने 74.84 और साइमन वीलैंड ने 73.23 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो किया।
नीरज के सामने बढ़ी चुनौती
लॉजेन का परिणाम नीरज चोपड़ा के लिए भले ही निराशाजनक रहा हो, लेकिन उनका 88.05 मीटर का प्रदर्शन मजबूत रहा। हालांकि, पथिरागे के खिलाफ लगातार तीसरी हार ने इस नई प्रतिद्वंद्विता को और दिलचस्प बना दिया है। आने वाली प्रतियोगिताओं में नीरज की कोशिश इस सिलसिले को तोड़ने और श्रीलंकाई खिलाड़ी के खिलाफ पहली जीत दर्ज करने की होगी। वहीं पथिरागे लगातार बेहतर प्रदर्शन के साथ विश्व स्तर पर अपनी स्थिति मजबूत कर रहे हैं।
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