S Jaishankar Russia Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर 23 और 24 अगस्त को रूस के आधिकारिक दौरे पर हैं। अपने दौरे के दौरान उन्होंने सोमवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ भी बातचीत की। दोनों देशों के नेताओं के बीच क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों के साथ-साथ भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
पुतिन को प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश सौंपा
मुलाकात के दौरान जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का व्यक्तिगत संदेश भी पुतिन तक पहुंचाया। जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के जरिए भारत और रूस के बीच लगातार मजबूत हो रहे संबंधों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई है।
आर्थिक सहयोग को लेकर जयशंकर ने जताया संतोष
मॉस्को में भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक के बाद विदेश मंत्री ने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि हाल के समय में भारत और रूस के बीच आर्थिक सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। व्यापार से लेकर ऊर्जा और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों तक दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है।
व्यापार और ऊर्जा समेत कई क्षेत्रों पर चर्चा
अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग के विभिन्न पहलुओं की व्यापक समीक्षा की गई। बातचीत के दौरान व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया। जयशंकर ने कहा कि दोनों देश इन क्षेत्रों में मौजूद सहयोग को और मजबूत करने तथा नई संभावनाओं की पहचान करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
भारत-रूस संबंधों की तस्वीर मजबूत: जयशंकर
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और रूस के संबंध केवल पारंपरिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समय के साथ इनका दायरा लगातार बढ़ रहा है। आर्थिक, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ती साझेदारी दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि भारत रूस के साथ व्यापक और दीर्घकालिक सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
SCO Summit में मोदी-पुतिन मुलाकात की उम्मीद
जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की आगामी मुलाकात को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को आगामी SCO Summit के दौरान रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात की उम्मीद है। दोनों नेताओं के बीच बैठक होने पर द्विपक्षीय संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर आगे चर्चा हो सकती है।
BRICS Summit में पुतिन के स्वागत को भारत तैयार
विदेश मंत्री ने बताया कि SCO Summit के बाद भारत BRICS Summit के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत करने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद भारत-रूस संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आने वाले बहुपक्षीय सम्मेलनों में भी दोनों नेताओं के बीच बातचीत की संभावना है।
वार्षिक शिखर बैठक की भी संभावना
जयशंकर ने कहा कि भारत और रूस के दोनों नेताओं के बीच आपसी सुविधा के अनुसार आगे वार्षिक शिखर बैठक भी आयोजित की जा सकती है। दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर नियमित संपर्क को द्विपक्षीय संबंधों की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे रणनीतिक साझेदारी के साथ आर्थिक सहयोग को भी गति मिलने की उम्मीद है।
व्यापक सहयोग आगे बढ़ाने को भारत प्रतिबद्ध
जयशंकर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत रूस के साथ मजबूत और व्यापक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु क्षेत्र और रणनीतिक सहयोग में बढ़ती साझेदारी को दोनों देशों के रिश्तों की महत्वपूर्ण आधारशिला माना जा रहा है। रूस यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं से भारत-रूस संबंधों को आगे बढ़ाने के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
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