Revanth Reddy US Visit : तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को अपने प्रस्तावित अमेरिका दौरे की अनुमति नहीं मिलने को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि विदेश मंत्रालय ने उनके प्रस्ताव की समीक्षा करने के बाद राजनीतिक कारणों का हवाला देते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके दौरे का उद्देश्य तेलंगाना में निवेश आकर्षित करना और राज्य के विकास को गति देना था।
प्रधानमंत्री मोदी से रेवंत रेड्डी ने मांगा जवाब
रेवंत रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि यदि उनके प्रस्तावित विदेश दौरे में कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं था, तो पहले उनके इंग्लैंड दौरे को अनुमति क्यों दी गई थी और अमेरिका जाने की अनुमति क्यों रोक दी गई। उन्होंने कहा कि इस फैसले को लेकर केंद्र सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इसे केवल व्यक्तिगत यात्रा का विषय नहीं, बल्कि तेलंगाना के हितों से जुड़ा मुद्दा बताया।
गुजरात के मुख्यमंत्री को अनुमति मिलने पर सवाल
रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को अमेरिका और कनाडा जाने की अनुमति दी, जबकि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने दोनों मामलों में अंतर को लेकर सवाल खड़े किए और केंद्र पर राज्यों के साथ समान व्यवहार नहीं करने का आरोप लगाया।
तेलंगाना के अपमान का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके अमेरिकी दौरे को मंजूरी नहीं दिया जाना तेलंगाना के साथ अन्याय और राज्य का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र के इस फैसले का असर राज्य के विकास और निवेश से जुड़ी संभावनाओं पर पड़ सकता है। रेवंत रेड्डी के अनुसार, राज्य सरकार विदेशों में निवेशकों और कंपनियों के साथ संपर्क बढ़ाकर तेलंगाना में नई परियोजनाएं लाने की कोशिश कर रही है।
निवेश आकर्षित करने के लिए प्रस्तावित था दौरा
रेवंत रेड्डी ने बताया कि उनका अमेरिका दौरा ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ पहल से जुड़ा था। इसका उद्देश्य वैश्विक निवेशकों के साथ संपर्क स्थापित करना और राज्य में औद्योगिक तथा आर्थिक निवेश की संभावनाएं बढ़ाना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे दौरों के माध्यम से राज्य सरकार अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को तेलंगाना में निवेश के लिए आमंत्रित करना चाहती है।
‘वाइब्रेंट गुजरात 2047’ का दिया उदाहरण
मुख्यमंत्री ने गुजरात सरकार की ‘वाइब्रेंट गुजरात 2047’ पहल का उदाहरण देते हुए केंद्र से सवाल किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को निवेश आकर्षित करने के उद्देश्य से 17 से 24 अगस्त तक अमेरिका और कनाडा की यात्रा की अनुमति दी गई। ऐसे में तेलंगाना के इसी तरह के निवेश-केंद्रित दौरे को मंजूरी नहीं देने का कारण स्पष्ट किया जाना चाहिए।
केंद्र पर भेदभाव करने का आरोप
रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर तेलंगाना के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार नहीं चाहती कि कोई राज्य तेजी से आर्थिक प्रगति करे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र के इस रवैये से तेलंगाना की विकास योजनाओं को नुकसान पहुंच सकता है। उन्होंने केंद्र के निर्णय की कड़ी आलोचना करते हुए इसे संघीय व्यवस्था के लिए भी चिंताजनक बताया।
संसद में मुद्दा उठाने की चेतावनी
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि वह प्रस्तावित अमेरिकी दौरे को मंजूरी नहीं मिलने का मुद्दा संसद में उठाएंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व भी इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उनके मुताबिक, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी संसद में केंद्र सरकार से इस फैसले पर जवाब मांग सकते हैं।
चार करोड़ तेलंगाना वासियों का अपमान बताया
रेवंत रेड्डी ने केंद्र के फैसले को तेलंगाना के करीब चार करोड़ लोगों के सम्मान से जोड़ते हुए कहा कि यह राज्य की जनता का अपमान है। उन्होंने केंद्र सरकार के रवैये की निंदा की और कहा कि विकास से जुड़े मामलों में राजनीतिक दृष्टिकोण से निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार तेलंगाना के निवेश और विकास से जुड़े प्रस्तावों पर समान दृष्टिकोण अपनाए।
विदेश दौरे को लेकर सियासी टकराव बढ़ा
अमेरिका दौरे की अनुमति से जुड़े विवाद ने केंद्र और तेलंगाना सरकार के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है। रेवंत रेड्डी लगातार इसे राज्य के विकास और निवेश से जोड़कर केंद्र पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से अंतिम स्थिति और अनुमति से इनकार के विस्तृत कारणों पर अब सबकी नजर बनी हुई है।
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