Akbar Tigala Complaint: छत्तीसगढ़ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला के खिलाफ कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायत मुख्यमंत्री, बालोद कलेक्टर-एसपी और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) के समक्ष की गई है। शिकायतकर्ताओं ने चिटफंड, वित्तीय लेन-देन, सरकारी राशि के कथित इस्तेमाल और राजनीतिक नेताओं के आधिकारिक लेटरपैड के कथित दुरुपयोग सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। अधिकारियों के अनुसार, शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चिटफंड कंपनी से जुड़े होने का दावा
शिकायतकर्ता असरार अहमद ने EOW को दिए आवेदन में दावा किया है कि अकबर तिगाला पूर्व में एक चिटफंड कंपनी के पार्टनर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कंपनी के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों से धन लिया गया और कथित तौर पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के साथ तिगाला की आय और संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल करने की मांग की है।
राजनीतिक रसूख के इस्तेमाल का आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अकबर तिगाला ने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ खिंचवाई गई तस्वीरों का इस्तेमाल अपना राजनीतिक प्रभाव प्रदर्शित करने के लिए किया। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि इसी कथित प्रभाव के आधार पर पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य लोगों को भरोसे में लिया गया और निजी फर्म के नाम पर काम हासिल किए गए।
अधूरे काम के बदले भुगतान का दावा
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कुछ मामलों में काम पूरा होने से पहले ही अग्रिम भुगतान या चेक जारी कराने का प्रयास किया गया। उन्होंने इन लेन-देन की जांच की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच से पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
DMF कार्यों के नाम पर कमीशन का आरोप
अकबर तिगाला के खिलाफ की गई शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उनका कथित नेटवर्क केवल बालोद जिले तक सीमित नहीं था। आरोप है कि विभिन्न जिलों में जिला खनिज न्यास (DMF) मद से करोड़ों रुपये के काम दिलाने का भरोसा देकर कुछ ठेकेदारों से कथित तौर पर अग्रिम कमीशन लिया गया। शिकायतकर्ताओं ने इन आरोपों की भी जांच कराने की मांग की है।
चेक बाउंस होने का भी आरोप
शिकायत में दावा किया गया है कि जब कुछ लोगों को कथित तौर पर काम नहीं मिला तो उन्हें रकम वापस करने के लिए चेक दिए गए। हालांकि, शिकायतकर्ताओं के अनुसार इनमें से कुछ चेक बाद में कथित तौर पर बाउंस हो गए। इन आरोपों को लेकर भी जांच की मांग की गई है, ताकि लेन-देन और संबंधित दस्तावेजों की वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
भाजपा नेताओं के लेटरपैड के इस्तेमाल का आरोप
अकबर तिगाला पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के आधिकारिक लेटरहेड का कथित रूप से अनधिकृत इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं ने संबंधित दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि लेटरपैड का इस्तेमाल किस उद्देश्य से और किसकी अनुमति से किया गया था।
शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की
शिकायतकर्ताओं ने मामले में FIR दर्ज करने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही उन्होंने भाजपा से अकबर तिगाला को पार्टी से निष्कासित करने की मांग भी उठाई है। बालोद के अधिकारियों के मुताबिक, शिकायत से जुड़े बिंदुओं की जांच शुरू हो चुकी है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।
अकबर तिगाला ने सभी आरोपों को बताया निराधार
मामला सामने आने के बाद अकबर तिगाला ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि शिकायतकर्ता के साथ उनका व्यक्तिगत विवाद है और इसी वजह से उनके खिलाफ शिकायत की गई है। तिगाला ने आरोप लगाया कि शिकायत का उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।
दस्तावेजों के साथ जवाब देने की बात
अकबर तिगाला ने कहा कि शिकायत में लगाए गए प्रत्येक आरोप का जवाब संबंधित विभागों के सामने देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पास अपने पक्ष को साबित करने के लिए जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। उनका कहना है कि निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।
कानूनी कार्रवाई की भी दी चेतावनी
तिगाला ने कहा कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कदम उठाएंगे। उन्होंने संबंधित लोगों को कानूनी नोटिस देने की बात भी कही है। फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच जांच महत्वपूर्ण हो गई है। अधिकारियों की जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही तय होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
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