नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही की ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसे देखकर हर कोई सहम गया। 157 लोगों की मौत की पुष्टि के बीच 133 भारतीय नागरिक और 37 NRI अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आखिर भोटेकोशी नदी में ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते सबकुछ बह गया?
नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड ने तबाही की ऐसी तस्वीर दिखाई है, जिसे देखकर हर कोई सहम गया। 157 लोगों की मौत की पुष्टि के बीच 133 भारतीय नागरिक और 37 NRI अब भी लापता बताए जा रहे हैं। आखिर भोटेकोशी नदी में ऐसा क्या हुआ कि देखते ही देखते सबकुछ बह गया?

Nepal Flood Update: नेपाल में तिब्बत की ओर से आए भीषण फ्लैश फ्लड ने कई जिलों में भारी तबाही मचा दी है। बुधवार शाम तक प्रभावित क्षेत्रों से 157 लोगों की मौत की सूचना सामने आई है। नेपाली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, करीब 500 लोग अब भी लापता हैं। लापता लोगों में 133 भारतीय नागरिक और 37 भारतीय मूल के विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित इलाकों में लगातार अभियान चला रही हैं।


प्रारंभिक अध्ययन और सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर फ्लैश फ्लड की संभावित वजह आइस एवलांच को माना जा रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा के नजदीक अस्थिर चट्टानी क्षेत्र में बर्फीला हिमस्खलन हुआ, जिससे नदी का प्रवाह अचानक तेज हो गया। इसके बाद भोटेकोशी और ल्हेंदे नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा और बाढ़ ने बेहद गंभीर रूप ले लिया।

काठमांडू यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर और जलवायु शोधकर्ता रिजान भक्त कायस्थ के अनुसार, फ्लैश फ्लड की घटना के आसपास तिब्बत की तरफ भूकंप भी आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, सुबह 8:37 बजे तिब्बती क्षेत्र में 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। विशेषज्ञ इस घटना और बाढ़ के बीच संभावित संबंधों का अध्ययन कर रहे हैं।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, बुधवार शाम तक सात जिलों में 95 शव बरामद किए जा चुके थे। रसुवा में एक, नुवाकोट में 11, धादिंग में 18, चितवन में 28, गोरखा में नौ, तनहूं में चार और नवलपरासी ईस्ट में एक शव मिला है। अलग-अलग स्थानों से 93 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
बचाए गए लोगों में 30 लोगों का उपचार काठमांडू स्थित त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में चल रहा है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सेवाओं को मजबूत किया है। गंभीर स्थिति को देखते हुए राहत दलों को जरूरी संसाधनों के साथ भेजा जा रहा है, जबकि दुर्गम इलाकों तक पहुंचने के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है।

बाढ़ के बाद करीब 400 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 133 भारतीय और 37 भारतीय मूल के विदेशी नागरिक शामिल हैं। रसुवा जिले में लापता 341 विदेशी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों में 62 नेपाली नागरिक भी बताए गए हैं। कई भारतीय कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए तिब्बत की ओर जा रहे थे। इनमें कम से कम 59 भारतीय तीर्थयात्रियों के लापता होने की जानकारी है।
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खानाल ने संसद को बताया कि विभिन्न स्थानों पर तैनात करीब 80 सुरक्षाकर्मी भी संपर्क से बाहर हैं। इनमें 44 नेपाली सेना के जवान शामिल हैं। नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को बड़े पैमाने पर बचाव अभियान में लगाया गया है।
नेपाल सेना ने तलाशी और बचाव कार्य के लिए 12 हेलीकॉप्टर तैनात किए हैं। रसुवा के स्याफ्रुबेसी से छह, मेलुंग से दो और धुंचे से चार लोगों को हेलीकॉप्टर की सहायता से सुरक्षित निकाला गया। दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए अभियान लगातार जारी है।
फ्लैश फ्लड ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को भी व्यापक नुकसान पहुंचाया है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से बेत्रावती से रसुवागढ़ी सीमा चौकी तक जाने वाली करीब 42 किलोमीटर सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई है। कई कंक्रीट पुल भी बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है।
इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन नेपाल के मुताबिक, बाढ़ से आठ चालू जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनकी कुल क्षमता 354 मेगावाट है। इसके अलावा पांच निर्माणाधीन परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित प्रमुख परियोजनाओं में रसुवागढ़ी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट 111 मेगावाट, सान्जेन खोला 78 मेगावाट और अपर त्रिशूली-3A 60 मेगावाट शामिल हैं।
नेपाल के बाढ़ पूर्वानुमान विभाग और आपदा प्राधिकरण ने भोटेकोशी तथा त्रिशूली नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। अधिकारियों के अनुसार, नदी में बने अवरोध के पीछे पानी की झील अभी पूरी तरह खाली नहीं हुई है। इसलिए रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और गोरखा के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और अगली सूचना तक नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए भारतीय दूतावास ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। भारतीय नागरिक +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क कर सकते हैं। दूतावास ने कहा है कि वह नेपाल सरकार के संबंधित अधिकारियों के संपर्क में है और प्रभावित भारतीयों को जल्द राहत एवं बचाव उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं।
नेपाल पर्यटन बोर्ड ने पर्यटकों की सहायता के लिए 1234 टोल-फ्री इमरजेंसी नंबर और 1144 हॉटलाइन जारी की है। टूरिस्ट पुलिस से 9851289445 पर संपर्क किया जा सकता है। नेपाल सेना ने त्रिशूली में मेडिकल सेंटर भी स्थापित किया है। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने रसुवा और नुवाकोट में हुई मौतों तथा संपत्ति के नुकसान पर दुख जताया है।
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