Manipur Census Postponed: NRC की मांग के बीच मणिपुर में जनगणना स्थगित, केंद्र का बड़ा फैसला

मणिपुर में जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में जनगणना की प्रक्रिया स्थगित कर दी गई है। यह निर्णय NRC लागू करने की मांग और इसे लेकर हुए विरोध प्रदर्शनों के बीच सामने आया है। जनगणना को लेकर विभिन्न संगठनों की मांगों के बाद मामला राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है।

Manipur Census Postponed: केंद्र सरकार ने मणिपुर में जनगणना 2027 (Census 2027) के पहले चरण यानी हाउस-लिस्टिंग प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया 1 सितंबर से शुरू होनी थी। केंद्र का यह फैसला राज्य में मैतेई और नगा नागरिक संगठनों की ओर से किए जा रहे विरोध तथा जनगणना से पहले राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की मांग के बीच आया है। इस मुद्दे को लेकर राज्य में प्रदर्शन भी हुए थे।

ads
Adst

NRC की मांग को लेकर बढ़ा था विरोध

मणिपुर में कई नागरिक संगठनों का तर्क है कि जनगणना से पहले NRC लागू किया जाना जरूरी है। संगठनों का आरोप है कि म्यांमार से होने वाले कथित अवैध प्रवासन के कारण राज्य की जनसांख्यिकी में बदलाव हो रहा है। उनका कहना है कि यदि NRC के बिना जनगणना की गई, तो अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम भी आधिकारिक आंकड़ों में शामिल हो सकते हैं।

Adst

मशाल रैली के दौरान फैली थी हिंसा

जनगणना और NRC के मुद्दे को लेकर मणिपुर में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे। विरोध के दौरान आयोजित एक मशाल रैली में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद जनगणना की प्रक्रिया को लेकर राज्य में राजनीतिक और सामाजिक तनाव और बढ़ गया। नागरिक संगठनों ने केंद्र से उनकी मांगों पर विचार करने का आग्रह किया था।

अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक

जनगणना प्रक्रिया को स्थगित करने का फैसला केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया। मुख्यमंत्री सचिवालय के अनुसार, बैठक में मणिपुर की मौजूदा परिस्थितियों और लोगों की भावनाओं पर चर्चा की गई। इसके बाद केंद्र सरकार ने राज्य की जनता की भावनाओं और आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित हाउस-लिस्टिंग को फिलहाल टालने पर सहमति जताई।

हाईकोर्ट को केंद्र ने दी जानकारी

मणिपुर हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के डिप्टी सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को प्रक्रिया स्थगित किए जाने की जानकारी दी। अदालत को बताया गया कि रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के निर्देशों के बाद हाउस-लिस्टिंग प्रक्रिया को रोक दिया गया है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तक के लिए टाल दी है।

Adst

14 नागरिक संगठनों ने उठाई NRC की मांग

इंफाल घाटी और मैतेई बहुल इलाकों से जुड़े 14 नागरिक समाज संगठनों (CSOs) ने NRC को लेकर अपनी मांग तेज की थी। इन संगठनों का कहना है कि राज्य में कथित अवैध प्रवासन के कारण जनसंख्या संरचना प्रभावित हो रही है। उनका तर्क है कि पहले नागरिकों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए तथा इसके बाद जनगणना कराई जानी चाहिए।

परिसीमन को लेकर भी जताई चिंता

नागरिक संगठनों ने जनगणना के आंकड़ों के भविष्य में होने वाले इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जाहिर की है। उनका कहना है कि यदि जनगणना में अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम शामिल हो जाते हैं, तो इसका प्रभाव भविष्य के परिसीमन पर पड़ सकता है। संगठनों के मुताबिक, इससे राज्य के मूल निवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व और अधिकारों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है।

विधानसभा ने पहले भी पारित किए प्रस्ताव

याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट के समक्ष यह भी उल्लेख किया कि मणिपुर विधानसभा पहले ही NRC लागू करने की मांग को लेकर प्रस्ताव पारित कर चुकी है। उनके अनुसार, विधानसभा ने अगस्त 2022 और मार्च 2024 में इस संबंध में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए थे। अब नागरिक संगठनों का कहना है कि केंद्र को इन प्रस्तावों और राज्य की मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तय करनी चाहिए।

पूर्व मुख्यमंत्री ने फैसले का स्वागत किया

मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और कई स्थानीय नागरिक समूहों ने केंद्र के फैसले का स्वागत किया है। समर्थकों ने इसे राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि जनगणना को फिलहाल रोकने से NRC की मांग और नागरिक पहचान से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा का अवसर मिलेगा।

जनगणना आगे कब होगी, स्थिति स्पष्ट नहीं

फिलहाल मणिपुर में हाउस-लिस्टिंग प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया है और हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर के लिए निर्धारित की है। अब आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों के निर्णय पर निर्भर करेगी। NRC की मांग, कथित अवैध प्रवासन, जनसांख्यिकीय बदलाव और परिसीमन जैसे मुद्दों के कारण मणिपुर में जनगणना का मामला आने वाले समय में भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बना रहने की संभावना है।

Read More : Times Square Attack: 20 सेकेंड में दो लोगों पर चाकू से हमला, एक की मौत; पुलिस फायरिंग में महिला ढेर

Adst
Chandan Das

Chandan Das

Writer & Blogger

All Posts
पिछले पोस्ट
अगला पोस्ट

ताज़ा खबरे

  • All Posts
  • FIFA World Cup 2026
  • Thetarget365
  • अंतरराष्ट्रीय
  • अन्य
  • अपराध
  • कारोबार
  • कृषि
  • खेल
  • छत्तीसगढ़
  • टेक
  • ट्रेंड
  • ताज़ा खबर
  • धर्म
  • पशु-पक्षी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • राष्ट्रीय
  • विचार/लेख
  • शिक्षा और नौकरी
  • साहित्य/मीडिया
  • सेहत-फिटनेस
    •   Back
    • मध्य प्रदेश
    • पश्चिम बंगाल
    • उत्तर प्रदेश
    • बिहार
    • महाराष्ट्र
    • झारखंड
    • राजस्थान

© 2026 | All Rights Reserved | Thetarget365.com | Made By Top News Portal Development Company

Contacts

Call Us At – +91-:9406130006
WhatsApp – +91 62665 68872
Mail Us At – thetargetweb@gmail.com
Meet Us At – Shitla Ward, Ambikapur Dist. Surguja Chhattisgarh.497001.

Adst