MP High Court: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को जल्द ही स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का नया मुख्य न्यायाधीश नियुक्त करने की सिफारिश की है। यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 31 अगस्त 2026 को हुई बैठक में लिया गया। सिफारिश के बाद अब नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया केंद्र सरकार के स्तर पर पूरी की जाएगी।
करीब तीन महीने से कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संभाल रहे जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पिछले करीब तीन महीनों से स्थायी चीफ जस्टिस का पद खाली है। 2 जून 2026 से जस्टिस विवेक रुसिया कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के रूप में हाईकोर्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अब जस्टिस कोगजे के नाम की सिफारिश होने के बाद स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
जस्टिस कोगजे का लंबा कानूनी अनुभव
जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे ने वर्ष 1993 में वकालत के क्षेत्र में कदम रखा था। अपने लंबे कानूनी करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में पैरवी की। गुजरात सरकार की ओर से उन्होंने वर्ष 2002 के गुजरात दंगों से जुड़े कई मामलों में भी पक्ष रखा था। बाद में उन्हें गुजरात हाईकोर्ट का न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
अब केंद्र सरकार करेगी नियुक्ति प्रक्रिया आगे
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिश अब केंद्र सरकार के पास भेजी जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार की ओर से आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाएगा। नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने और संबंधित अधिसूचना जारी होने के बाद जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभाल सकेंगे।
कॉलेजियम की बैठक में कई बड़े नामों पर फैसला
31 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में सिर्फ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लेकर ही सिफारिश नहीं की गई। अलग-अलग हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति और न्यायाधीशों के स्थानांतरण से जुड़े कई प्रस्तावों पर भी विचार किया गया। कॉलेजियम ने विभिन्न पदों के लिए कई न्यायाधीशों के नाम सुझाए हैं।
अन्य हाईकोर्ट के लिए भी सिफारिशें
कॉलेजियम की सिफारिशों में जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे के अलावा जस्टिस संजय के. अग्रवाल और डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी के नाम भी शामिल हैं। जस्टिस कोगजे को गुजरात हाईकोर्ट से मध्य प्रदेश हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश की गई है। वहीं जस्टिस संजय के. अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट भेजने का प्रस्ताव है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के लिए भी नाम
कॉलेजियम ने डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी के संबंध में भी महत्वपूर्ण सिफारिश की है। उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट भेजे जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इस तरह कॉलेजियम की 31 अगस्त की बैठक में कई हाईकोर्ट के प्रशासनिक नेतृत्व और न्यायिक व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
स्थायी मुख्य न्यायाधीश मिलने से कामकाज को मिलेगी स्थिरता
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति लंबे समय से प्रतीक्षित थी। फिलहाल कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के नेतृत्व में हाईकोर्ट का कामकाज चल रहा है। जस्टिस कोगजे की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद हाईकोर्ट को स्थायी नेतृत्व मिल सकेगा। इससे प्रशासनिक स्तर पर भी व्यवस्था को अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है।
अधिसूचना के बाद स्पष्ट होगी नियुक्ति की तारीख
कॉलेजियम की सिफारिश के बाद अब केंद्र सरकार की मंजूरी और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का इंतजार रहेगा। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद नियुक्ति संबंधी अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद ही जस्टिस अल्पेश यशवंत कोगजे के मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में कार्यभार संभालने की आधिकारिक तारीख स्पष्ट होगी।
मध्य प्रदेश न्यायिक व्यवस्था के लिए अहम बदलाव
जस्टिस कोगजे के नाम की सिफारिश को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। करीब तीन महीने तक स्थायी मुख्य न्यायाधीश का इंतजार करने के बाद अब नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि अंतिम नियुक्ति केंद्र सरकार की प्रक्रिया पूरी होने और अधिसूचना जारी होने के बाद ही मानी जाएगी।
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