AFC U20 Asian Cup : भारतीय अंडर-20 फुटबॉल टीम के पास करीब दो दशक लंबे इंतजार को खत्म करने का शानदार मौका है। टीम रविवार को एएफसी अंडर-20 एशियन कप क्वालीफायर में बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। यह मुकाबला भारत के लिए अभियान का आखिरी और सबसे अहम मैच होगा। दोनों टीमों के बीच यह भिड़ंत उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद स्थित दोस्तलिक स्टेडियम में खेली जाएगी।
2006 के बाद बड़े मंच पर वापसी की उम्मीद
भारत ने आखिरी बार 2006 में एएफसी अंडर-20 एशियन कप में हिस्सा लिया था। उस समय भारत ही इस प्रतियोगिता का मेजबान था। इसके बाद भारतीय टीम मुख्य टूर्नामेंट में वापसी नहीं कर सकी। अब मौजूदा युवा टीम के सामने एक बार फिर एशिया के बड़े मंच पर पहुंचने का अवसर है। हालांकि, इसके लिए उसे बांग्लादेश के खिलाफ हर हाल में मजबूत प्रदर्शन करना होगा।
सीरिया के खिलाफ भारत ने दर्ज की थी जीत
भारतीय टीम ने क्वालीफायर अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की थी। पहले मुकाबले में भारत ने सीरिया को 1-0 से शिकस्त दी थी। मुकाबले का निर्णायक गोल मैच के आखिरी मिनट में शमी सिंगामयुम ने किया। उनके इस गोल ने भारत को तीन महत्वपूर्ण अंक दिलाए और टीम की क्वालीफिकेशन की उम्मीदों को मजबूत किया।
उज्बेकिस्तान ने भारत को दी करारी शिकस्त
हालांकि, दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम को मेजबान उज्बेकिस्तान के खिलाफ बड़ी हार का सामना करना पड़ा। उज्बेकिस्तान ने भारत को 4-0 से हराकर मुकाबला अपने नाम किया। इस परिणाम के बाद भारतीय टीम के खाते में तीन अंक हैं। अब बांग्लादेश के खिलाफ होने वाला मुकाबला भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि एक और खराब परिणाम उसकी राह मुश्किल कर सकता है।
बांग्लादेश को हल्के में लेने की गलती नहीं
ग्रुप में बांग्लादेश फिलहाल सबसे निचले स्थान पर है। टीम अपने दोनों मुकाबले हार चुकी है। उसे उज्बेकिस्तान ने 2-0 और सीरिया ने 3-0 से हराया था। इसके बावजूद भारत बांग्लादेश को कमजोर प्रतिद्वंद्वी मानने की गलती नहीं करना चाहेगा। इसी साल SAFF चैंपियनशिप के फाइनल में बांग्लादेश ने भारत को पेनल्टी शूटआउट में हराया था। इसलिए भारतीय टीम के सामने मानसिक और खेल, दोनों स्तर पर चुनौती होगी।
जीत के साथ छह अंक हो जाएंगे
क्वालीफिकेशन के समीकरण की बात करें तो भारत के लिए बांग्लादेश के खिलाफ जीत बेहद जरूरी है। अगर भारतीय टीम मुकाबला जीतती है तो उसके छह अंक हो जाएंगे और वह ग्रुप में दूसरे स्थान की दौड़ में बनी रहेगी। वहीं, ड्रॉ की स्थिति में भी भारत के पास दूसरे स्थान पर पहुंचने की संभावना रहेगी, लेकिन तब टीम को दूसरे मुकाबले के परिणाम पर निर्भर रहना पड़ेगा।
सीरिया और उज्बेकिस्तान के मैच पर नजर
दूसरे मुकाबले में सीरिया और उज्बेकिस्तान की टीमें आमने-सामने होंगी। यह मैच शाम साढ़े सात बजे खेला जाएगा। भारत की कोशिश होगी कि सीरिया इस मुकाबले में जीत दर्ज न कर सके। क्वालीफिकेशन की अंतिम तस्वीर में इस मैच का परिणाम महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए भारतीय टीम को अपने प्रदर्शन के साथ दूसरे मुकाबले के नतीजे पर भी नजर रखनी होगी।
चीन में होने वाले एशियन कप का टिकट दांव पर
अगले साल चीन में होने वाले एएफसी अंडर-20 एशियन कप के लिए क्वालीफिकेशन का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली आठ टीमों में से सात सर्वश्रेष्ठ टीमें भी मुख्य टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई करेंगी। यही नियम भारत की उम्मीदों को जिंदा रखता है। ऐसे में बांग्लादेश के खिलाफ जीत टीम के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है।
महेश गावली बोले- पिछली हार से सीखा
भारतीय टीम के कोच महेश गावली ने उज्बेकिस्तान के खिलाफ मिली हार से सीख लेने की बात कही है। टीम ने शुक्रवार को होटल में ही जिम और पूल के जरिए रिकवरी पर ध्यान दिया। इसके बाद शनिवार को खिलाड़ियों ने मैदान पर अभ्यास कर निर्णायक मुकाबले की तैयारी की। टीम मैनेजमेंट का लक्ष्य खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट और मानसिक रूप से तैयार रखना है।
डैनी मीतेई को टीम पर पूरा भरोसा
मिडफील्डर डैनी मीतेई ने भी मुकाबले से पहले टीम के आत्मविश्वास को लेकर सकारात्मक बात कही। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों का हौसला ऊंचा है और सभी देश के लिए अपना 100 प्रतिशत देने के लिए तैयार हैं। अब रविवार को बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भारतीय युवा खिलाड़ियों की नजर जीत के साथ एशियन कप का टिकट हासिल करने पर होगी। देशभर के फुटबॉल प्रशंसकों की निगाहें भी इस अहम मुकाबले पर टिकी रहेंगी।
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