Patna University Bomb Blast: बिहार की राजधानी पटना स्थित प्रतिष्ठित पटना विश्वविद्यालय में शिक्षक दिवस के मौके पर उस समय अफरातफरी मच गई, जब भूगोल विभाग की पार्किंग में अचानक जोरदार धमाका हुआ। विश्वविद्यालय में जहां शिक्षक दिवस का कार्यक्रम चल रहा था और छात्र-शिक्षक समारोह में व्यस्त थे, वहीं पार्किंग क्षेत्र में हुए कथित देसी बम विस्फोट ने पूरे कैंपस को हिलाकर रख दिया। धमाके की तेज आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
जोरदार आवाज से कैंपस में मची अफरातफरी
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, धमाका ज्योग्राफी डिपार्टमेंट यानी भूगोल विभाग की पार्किंग में हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि इसकी आवाज विश्वविद्यालय परिसर के कई हिस्सों तक सुनाई दी। धमाके के बाद छात्रों और शिक्षकों के बीच कुछ समय के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया। हालांकि, राहत की बात यह रही कि विस्फोट के समय पार्किंग क्षेत्र में कोई छात्र या कर्मचारी मौजूद नहीं था।
पुल के ऊपर से बम फेंकने का दावा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विश्वविद्यालय परिसर के पास से गुजर रहे नए डबल डेकर पुल के ऊपर से किसी अज्ञात व्यक्ति ने पार्किंग की दिशा में बम फेंका। इसके बाद बम पार्किंग क्षेत्र में गिरा और जोरदार विस्फोट हुआ। फिलहाल पुलिस ने इस घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति कौन था और उसने किस उद्देश्य से विश्वविद्यालय परिसर को निशाना बनाया।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
धमाके की सूचना मिलते ही स्थानीय पीरबहोर थाना पुलिस की टीम तुरंत विश्वविद्यालय परिसर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल को अपने कब्जे में लेकर आसपास के इलाके को सील कर दिया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर जांच पूरी होने तक लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर विस्फोट से जुड़े साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
FSL टीम ने जुटाए बम के अवशेष
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी यानी FSL की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने विस्फोट वाली जगह से बम के अवशेष और अन्य जरूरी नमूने एकत्र किए। इन नमूनों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि विस्फोट में किस तरह के पदार्थ या सामग्री का इस्तेमाल किया गया था।
CCTV फुटेज से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश
पुलिस विश्वविद्यालय परिसर और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि कैमरों में पुल के ऊपर या आसपास संदिग्ध गतिविधि कैद हुई होगी। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में ऐसे सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनसे यह संकेत मिला है कि बम पुल के ऊपर से विश्वविद्यालय परिसर की ओर फेंका गया था।
असिस्टेंट प्रॉक्टर ने दी सख्त चेतावनी
पटना विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रॉक्टर प्रोफेसर उदय शंकर ने बताया कि घटना के समय भूगोल विभाग में शिक्षक दिवस का कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था। उन्होंने स्पष्ट किया कि धमाके में किसी छात्र, शिक्षक या कर्मचारी के घायल होने की सूचना नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में विश्वविद्यालय के किसी छात्र की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसे विश्वविद्यालय से निष्कासित किया जा सकता है।
पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का जताया भरोसा
पीरबहोर थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि पुलिस को घटना से जुड़े अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। शुरुआती जांच में बम के पुल के ऊपर से फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि मामले में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
विश्वविद्यालय की सुरक्षा पर उठे सवाल
शिक्षक दिवस जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर के भीतर विस्फोट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन भीड़भाड़ वाले विश्वविद्यालय परिसर में यदि पार्किंग क्षेत्र में उस समय छात्र या कर्मचारी मौजूद होते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। पुलिस जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह और आरोपियों की भूमिका पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
Read More : Israel Hezbollah Conflict: सीजफायर के बाद भी सुलग रहा लेबनान, अली ताहेर पहाड़ी पर फिर आमने-सामने दोनों