Shuddhikaran Row : कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से जुड़े हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। पार्टी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अगले सप्ताह सोमवार, 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में अनुसूचित जाति (SC) सांसदों की महत्वपूर्ण बैठक बुलाने का फैसला किया है। इस बैठक में कांग्रेस के सभी 15 दलित सांसदों के शामिल होने की संभावना है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, बैठक का मुख्य उद्देश्य खरगे से कथित अपमान और हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद हुई घटना को लेकर आगे की रणनीति तय करना है।
15 दलित सांसद बैठक में होंगे शामिल
कांग्रेस की ओर से आयोजित की जा रही इस बैठक को पार्टी के लिए काफी अहम माना जा रहा है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा से जुड़े कांग्रेस के सभी 15 दलित सांसद हिस्सा लेंगे। बैठक में हल्द्वानी की घटना के साथ-साथ अनुसूचित जाति से जुड़े मुद्दों और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के सम्मान को लेकर चर्चा होने की उम्मीद है। कांग्रेस इस पूरे मामले को सामाजिक सम्मान और संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दे के तौर पर भी उठा सकती है।
राहुल गांधी और खरगे से मुलाकात की तैयारी
दिल्ली में बैठक के बाद कांग्रेस के दलित सांसद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात भी कर सकते हैं। इस दौरान हल्द्वानी विवाद को लेकर पार्टी की आगामी रणनीति और संभावित आंदोलन पर चर्चा हो सकती है। सांसदों की बैठक के बाद शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली मुलाकात को मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
बेंगलुरु में दर्ज हुई एफआईआर
हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना को लेकर कर्नाटक के बेंगलुरु में भी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। विधान सौधा पुलिस थाने में इस मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई है। दर्ज मामले में भारतीय जनता पार्टी की उत्तराखंड इकाई के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट को नामजद किया गया है। कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया है कि यह घटना पार्टी अध्यक्ष के सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर मामला है।
SC/ST एक्ट समेत कई धाराओं में मामला
एफआईआर में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम यानी SC/ST एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ सिविल राइट्स प्रोटेक्शन एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं का उल्लेख किया गया है। मामले में खरगे के कथित अपमान को आधार बनाकर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और संबंधित घटनाक्रम की जांच कर रही है।
खरगे ने जेपी नड्डा को लिखा पत्र
इस विवाद को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खरगे ने 3 सितंबर 2026 को भेजे पत्र में हल्द्वानी की घटना को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि 8 अगस्त 2026 को उत्तराखंड के हल्द्वानी में उनकी जनसभा के बाद रामलीला मैदान में कथित तौर पर शुद्धिकरण कराया गया, लेकिन अब तक आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
राज्यसभा में दिए आश्वासन की खरगे ने दिलाई याद
खरगे ने अपने पत्र में जेपी नड्डा को राज्यसभा में दिए गए आश्वासन की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उन्होंने सदन में इस गंभीर मुद्दे को उठाया था और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। अब कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की है कि उस आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं और मामले में शामिल लोगों तथा संगठनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी मांग केवल राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मामले में कानूनी कार्रवाई चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण की घटना में जो भी व्यक्ति या संगठन शामिल रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे वरिष्ठ नेता के साथ इस तरह का व्यवहार गंभीर विषय है।
विवाद को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी
हल्द्वानी विवाद को लेकर कांग्रेस अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी में दिखाई दे रही है। दिल्ली में दलित सांसदों की प्रस्तावित बैठक और इसके बाद राहुल गांधी तथा खरगे से संभावित मुलाकात को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी आने वाले दिनों में संसद के भीतर और बाहर इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा सकती है। फिलहाल सभी की नजर 7 सितंबर को होने वाली बैठक पर है, जहां कांग्रेस आगे की कार्रवाई को लेकर अहम फैसला ले सकती है।
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