West Bengal Politics : पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रेजीनगर में मुकाबला काफी कड़ा होने वाला है। शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उपचुनाव में ‘भगवाधारी’ क्या हाल करते हैं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। उनके बयान को आगामी उपचुनाव को लेकर राजनीतिक रणनीति और शक्ति प्रदर्शन से जोड़कर देखा जा रहा है।
एजुकेशन बिल को लेकर सरकार के फैसले का समर्थन
विधानसभा में एजुकेशन बिल पेश किए जाने का जिक्र करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने इसके विरोध पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब लोगों को समझ में आएगा कि यह बिल किस दिशा में जा रहा है, तब यह भी स्पष्ट होगा कि इसका इतना विरोध क्यों किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सरकार के प्रस्तावित बदलावों का समर्थन करते हुए विरोध करने वालों पर निशाना साधा।
जादवपुर यूनिवर्सिटी के लिए 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान
शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी से जुड़ी वित्तीय व्यवस्था का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की ओर से विश्वविद्यालय के लिए करीब 1300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों के स्थानांतरण का मुद्दा भी उठाया। बुधवार को उन्होंने दक्षिण कोलकाता में ‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ निकाली थी।
रैली के दौरान जादवपुर यूनिवर्सिटी का गेट रहा बंद
‘गेरुआ सम्मान यात्रा’ जब जादवपुर यूनिवर्सिटी के आसपास पहुंची, तब विश्वविद्यालय का मुख्य गेट बंद रहा। इस घटनाक्रम के बीच शुभेंदु अधिकारी ने विश्वविद्यालयों के प्रशासन और स्टाफ से जुड़े स्थानांतरण को लेकर सरकार के रुख को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों में भी शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की व्यवस्था मौजूद है।
आठ विश्वविद्यालयों के शिक्षकों के ट्रांसफर की बात
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आठ विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षा स्टाफ का स्थानांतरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कोई कर्मचारी व्यवस्था के तहत होने वाले स्थानांतरण को स्वीकार नहीं करना चाहता और उसे इसकी आवश्यकता महसूस नहीं होती, तो वह नौकरी छोड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि नई यूनिवर्सिटी बनने के बाद कुछ लोगों को वहां भेजा जाएगा।
लेफ्टिस्ट संगठनों पर लगाए निशाना साधने के आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि भगवा विचारधारा से जुड़े लोगों को कथित तौर पर कुछ लेफ्टिस्ट संगठनों की ओर से चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विरोध करने वालों के खिलाफ भी अपना रुख स्पष्ट करेगी। उनके बयान से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक विचारधाराओं के बीच जारी टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ नारे पर सख्त रुख
राष्ट्रविरोधी माने जाने वाले नारों को लेकर भी शुभेंदु अधिकारी ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ जैसे नारे लगाता है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था और शासन व्यवस्था को लेकर कहा कि सरकार पांच साल के लिए चुनी जाती है और प्रशासन को सुचारू रूप से चलाना उसकी जिम्मेदारी है।
आलिया यूनिवर्सिटी और शिक्षा बिल का भी जिक्र
शुभेंदु अधिकारी ने आलिया यूनिवर्सिटी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे भी एक जगह लाने की दिशा में काम किया गया है। उन्होंने शिक्षा बिल का समर्थन करते हुए कहा कि लोगों को समझना चाहिए कि इसे किस उद्देश्य से लाया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि इस फैसले के पीछे सरकार की स्पष्ट सोच है और आने वाले समय में इसके प्रभाव सामने आ सकते हैं।
बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाने पर गिरफ्तारी की मांग
भवानीपुर थाने के बाहर बाबा बागेश्वर की तस्वीर जलाए जाने के मामले पर भी शुभेंदु अधिकारी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश देने की बात कही और इस घटना में शामिल लोगों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली ऐसी घटनाओं पर प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
दुर्गा पूजा स्टॉल को लेकर भी दिया सख्त बयान
दुर्गा पूजा के दौरान कम्युनिस्ट संगठनों के स्टॉल को लेकर शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि कोई संगठन अपने स्टॉल पर ‘दुर्गा पूजा’ नहीं लिखता है, तो उसे स्टॉल लगाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा, राजनीतिक संगठनों और सार्वजनिक आयोजनों को लेकर नया विवाद खड़ा होने की संभावना है।
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