Surguja Cyber Crime : सरगुजा जिले में साइबर अपराध और म्यूल बैंक अकाउंट के इस्तेमाल से जुड़े मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। थाना कोतवाली और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पर्याप्त अपराध सबूत मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
I4C पोर्टल से मिली जानकारी के बाद शुरू हुई जांच
पुलिस के मुताबिक, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के समन्वय पोर्टल से प्राप्त जानकारी के आधार पर फर्जी मोबाइल नंबर जारी करने वाले पॉइंट ऑफ सेल्स और म्यूल बैंक अकाउंट धारकों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश मिले थे। साइबर पोर्टल पर बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश से दर्ज शिकायतों की जांच के दौरान सरगुजा से जुड़े बैंक खाते की जानकारी सामने आई थी।
बैंक खाते में संदिग्ध रकम के ट्रांजेक्शन मिले
जांच में सामने आया कि बैंक ऑफ महाराष्ट्र में सूरज यादव निवासी श्रीराम अस्पताल के पास, अंबिकापुर के नाम से एक बैंक खाता संचालित था। पुलिस के अनुसार, इस खाते में धोखाधड़ी और साइबर अपराध से संबंधित रकम के ट्रांजेक्शन पाए गए थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि खाता कथित तौर पर फर्जी सिम कार्ड के जरिए किए गए फर्जीवाड़े से जुड़ा था।
पहले तीन आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में पुलिस पहले ही सूरज यादव, मुकेश त्रिपाठी और अमित मिश्रा उर्फ पहलू को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ के दौरान पुलिस को कथित तौर पर पता चला कि आरोपियों ने निजी काम का झांसा देकर आम लोगों से बैंक खाते, एटीएम, चेकबुक और सिम कार्ड हासिल किए थे। इनका इस्तेमाल कमीशन के बदले ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए किए जाने का आरोप है।
सबूत मिटाने के प्रयास का भी आरोप
पुलिस के अनुसार, बैंक खाते होल्ड किए जाने के बाद आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से पासबुक, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज जला दिए थे। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 493/25 के तहत कार्रवाई की गई। मामले में संबंधित धाराओं के अंतर्गत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया जा चुका है।
फरार आरोपी आयुष सिन्हा पुलिस की गिरफ्त में
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर कोतवाली थाना और साइबर सेल की टीम ने मामले में फरार आरोपी आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा की तलाश तेज की। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपना नाम आयुष सिन्हा उर्फ दीप सिन्हा, पिता स्वर्गीय त्रिभुवन सिन्हा, उम्र 32 वर्ष, निवासी सत्तीपारा नेहरू वार्ड, शिव मंदिर के पास, थाना कोतवाली अंबिकापुर बताया।
पूछताछ में सहयोग नहीं करने का पुलिस का दावा
पुलिस का कहना है कि घटना के संबंध में पूछताछ के दौरान आरोपी ने संतोषजनक जानकारी नहीं दी और गोलमोल जवाब देकर विवेचना में सहयोग नहीं किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पर साक्ष्य छिपाने का प्रयास करने का भी आरोप है। मामले में अपराध से संबंधित साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए साइबर ठगी और वित्तीय अपराधों को बढ़ावा देने वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्ध और फरार आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस टीम बैंक खातों और लेनदेन से जुड़े अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।
कार्रवाई में पुलिस टीम रही सक्रिय
पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह, सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, आरक्षक नितिन सिन्हा, विवेक राय, शिव राजवाड़े और आनंद गुप्ता शामिल रहे। पुलिस ने साइबर अपराधों में म्यूल अकाउंट के इस्तेमाल को लेकर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
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