Delhi SIR Notice : दिल्ली में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया के दौरान कई चर्चित और वरिष्ठ लोगों के नाम नोटिस सूची में सामने आए हैं। इनमें सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना देसाई, पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और चुनाव आयुक्त एसएस संधू समेत कई प्रमुख नाम शामिल हैं। निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, ये नोटिस मतदाता रिकॉर्ड में विसंगतियों या पिछली SIR सूची से मैपिंग नहीं होने के कारण जारी किए गए हैं।
रंजना देसाई के पूरे परिवार को नोटिस
रिपोर्टों के मुताबिक, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना देसाई और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्यों को नोटिस मिला है। इनमें उनके पति प्रकाश देसाई, बेटे और अधिवक्ता माइक देसाई तथा बहू साक्षी देसाई शामिल हैं। चारों के रिकॉर्ड को “Unmapped with Last SIR” श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि मौजूदा मतदाता विवरण पिछली पुनरीक्षण सूची से लिंक नहीं हो पाया या उसमें संबंधित विसंगति सामने आई।
पूर्व सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी भी सूची में
पूर्व सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और उनकी पत्नी सुनीता द्विवेदी को भी SIR के तहत नोटिस जारी किया गया है। दोनों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं और उनके रिकॉर्ड को “Unmapped with Last SIR” श्रेणी में चिह्नित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के नोटिस का उद्देश्य मतदाता विवरण का सत्यापन और रिकॉर्ड में मौजूद विसंगतियों को दूर करना है।
जगदीप धनखड़ और पत्नी को भी नोटिस
पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ और उनकी पत्नी सुदेश धनखड़ के नाम भी नोटिस सूची में शामिल हैं। दोनों के मतदाता रिकॉर्ड को पिछली SIR सूची से मैप नहीं किए जाने की श्रेणी में रखा गया है। रिपोर्टों के अनुसार, उनके रिकॉर्ड में उपराष्ट्रपति आवास का पता दर्ज है। SIR के तहत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं और अधिकारियों के रिकॉर्ड भी इसी तरह जांच के दायरे में आए हैं।
चुनाव आयुक्त एसएस संधू के रिकॉर्ड में भी विसंगति
चुनाव आयुक्त एसएस संधू का नाम भी SIR नोटिस सूची में आया है। उनके मामले में नाम से जुड़ी असंगति का उल्लेख किया गया था। वहीं उनके बेटे दमनबीर के रिकॉर्ड में माता-पिता के नाम से जुड़ी विसंगति बताई गई। दोनों दिल्ली कैंट विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। बाद में अधिकारियों ने बताया कि संधू की ओर से जमा दस्तावेजों का सत्यापन किया गया और उनका रिकॉर्ड वैध पाया गया।
जॉन ब्रिटास के परिवार को भी नोटिस
सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास की पत्नी शीबा ब्रिटास और बेटे आनंद ब्रिटास को भी SIR नोटिस मिला है। शीबा के मामले में “Self Name Mismatch” यानी खुद के नाम में असंगति बताई गई, जबकि आनंद के रिकॉर्ड में “Parent Name Mismatch” का उल्लेख है। दोनों नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र में मतदाता हैं। अधिकारियों के अनुसार, परिवार के रिकॉर्ड में एक विसंगति दूसरे संबंधित रिकॉर्ड की जांच का कारण बन सकती है।
SIR नोटिस पर इंदिरा जयसिंह की प्रतिक्रिया
वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह का नाम भी दिल्ली SIR से जुड़े नोटिस रिकॉर्ड में सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए नागरिकता और मतदान के अधिकार को लेकर सवाल उठाया। उनका कहना था कि यदि वह नागरिक हैं और पहले मतदान कर चुकी हैं, तो ऐसे सत्यापन की आवश्यकता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
डीवाई चंद्रचूड़ से जुड़ी जानकारी
पूर्व CJI डीवाई चंद्रचूड़ से जुड़े रिकॉर्ड को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के अनुसार, उनकी पत्नी कल्पना दास का नाम भी SIR जांच में फ्लैग किया गया है। वहीं, उपलब्ध रिपोर्टों में चंद्रचूड़ के संबंध में यह कहा गया कि उन्हें स्वयं किसी नोटिस की जानकारी नहीं थी और वह परिवार के साथ भारत से बाहर हैं।
नोटिस का मतलब नाम हटना नहीं
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि SIR नोटिस मिलने का मतलब मतदाता सूची से नाम स्वतः हटना नहीं है। नोटिस पाने वाले मतदाताओं को संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के समक्ष जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का अवसर दिया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, किसी मतदाता का नाम उचित प्रक्रिया और सुनवाई का अवसर दिए बिना हटाया नहीं जा सकता।
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