Swollen Lymph Nodes : लिम्फ नोड्स हमारे शरीर के लसीका तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये छोटी, बीन के आकार की ग्रंथियां होती हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती हैं। ये लसीका द्रव को फिल्टर करने के साथ वायरस, बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक पदार्थों को पकड़ने का काम करती हैं। इनमें मौजूद श्वेत रक्त कोशिकाएं संक्रमण से लड़ने में मदद करती हैं।
शरीर में कहां पाए जाते हैं लिम्फ नोड्स?
लिम्फ नोड्स शरीर के कई हिस्सों में मौजूद होते हैं। इनमें गर्दन, बगल, छाती, पेट, कमर और जांघ के आसपास के हिस्से प्रमुख हैं। सामान्य स्थिति में इनका आकार इतना छोटा होता है कि व्यक्ति को इनके होने का पता भी नहीं चलता। लेकिन जब शरीर किसी संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्या से लड़ रहा होता है, तो ये नोड्स आकार में बढ़ सकते हैं और छूने पर संवेदनशील या दर्दनाक महसूस हो सकते हैं।
संक्रमण लिम्फ नोड्स की सूजन का प्रमुख कारण
लिम्फ नोड्स में सूजन का सबसे सामान्य कारण शरीर में किसी तरह का संक्रमण होना है। वायरल संक्रमण, सर्दी-जुकाम, फ्लू, खसरा और मोनोन्यूक्लिओसिस जैसी स्थितियों में लिम्फ नोड्स बढ़ सकते हैं। शरीर जब संक्रमण से लड़ने के लिए प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया शुरू करता है, तब संबंधित लिम्फ नोड्स में सक्रियता बढ़ने से सूजन दिखाई दे सकती है।
बैक्टीरियल संक्रमण से भी बढ़ सकते हैं नोड्स
गले में खराश, कान का संक्रमण या त्वचा में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर उसके आसपास मौजूद लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है। इसके अलावा कुछ फंगल या परजीवी संक्रमण, जैसे टोक्सोप्लाज़मोसिस, भी लिम्फ नोड्स के बढ़ने का कारण बन सकते हैं। आमतौर पर संक्रमण ठीक होने के साथ सूजन भी धीरे-धीरे कम हो सकती है।
ऑटोइम्यून बीमारियों में भी हो सकती है सूजन
लिम्फ नोड्स का बढ़ना हमेशा संक्रमण से जुड़ा नहीं होता। कुछ ऑटोइम्यून बीमारियों में भी ऐसा हो सकता है। रुमेटी गठिया और ल्यूपस जैसी स्थितियों में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपने ही ऊतकों के खिलाफ प्रतिक्रिया करने लगती है। इसके कारण शरीर के अलग-अलग हिस्सों में सूजन के साथ लिम्फ नोड्स भी बढ़ सकते हैं। कुछ मामलों में इनमें दर्द बिल्कुल नहीं होता।
लगातार सूजन कैंसर का संकेत भी हो सकती है
लिम्फ नोड्स में लंबे समय तक बनी रहने वाली सूजन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कुछ मामलों में यह लिम्फोमा जैसे कैंसर का संकेत हो सकती है, खासकर जब नोड्स लगातार बढ़े रहें और उनमें दर्द न हो। ल्यूकेमिया में असामान्य श्वेत रक्त कोशिकाओं के जमा होने से भी लिम्फ नोड्स प्रभावित हो सकते हैं। इसके अलावा मेटास्टेटिक कैंसर के शरीर के अन्य हिस्सों तक फैलने पर भी लिम्फ नोड्स में बदलाव देखा जा सकता है।
दवाओं और वैक्सीन के बाद भी सूजन संभव
कुछ अन्य परिस्थितियों में भी लिम्फ नोड्स अस्थायी रूप से बढ़ सकते हैं। कुछ दवाओं, विशेष रूप से दौरे से संबंधित बीमारियों में इस्तेमाल होने वाली दवाओं के कारण ऐसा हो सकता है। कई बार टीका लगने के बाद भी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया के कारण संबंधित हिस्से के लिम्फ नोड्स में कुछ समय के लिए सूजन दिखाई देती है। शरीर के किसी हिस्से में चोट लगने के बाद भी आसपास के नोड्स कुछ दिनों तक सूजे रह सकते हैं।
लिम्फ नोड्स की सूजन को कब दिखाएं डॉक्टर को?
अगर शरीर में किसी जगह गांठ या उभार महसूस हो रहा है, लिम्फ नोड्स लगातार बढ़े हुए हैं या सूजन लंबे समय तक कम नहीं हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. भुमेश त्यागी के अनुसार, लिम्फ नोड्स की सूजन के पीछे संक्रमण से लेकर अन्य स्वास्थ्य समस्याओं तक कई कारण हो सकते हैं। इसलिए लगातार या असामान्य सूजन होने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। सही कारण की पहचान के बाद ही उचित उपचार तय किया जा सकता है।
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