Garba Controversy 2026 : मध्य प्रदेश में नवरात्रि से पहले गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवकों की एंट्री को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। राज्य में कई जगहों पर गरबा कार्यक्रमों के दौरान प्रवेश को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से नियम और आपत्तियां सामने आई हैं। इसी मुद्दे पर भोपाल में बीजेपी नेता रामेश्वर शर्मा के बयान के बाद विवाद खड़ा हो गया। शर्मा ने गरबा में मुस्लिम युवकों की मौजूदगी के सवाल पर टिप्पणी की, जिसके बाद कांग्रेस ने उनके बयान को लेकर निशाना साधा।
भोपाल कार्यक्रम में रामेश्वर शर्मा ने दिया विवादित बयान
भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कहा कि अगर मुस्लिम लड़कों को गरबा खेलने का शौक है तो उन्हें अपने परिवार की महिलाओं को भी साथ लेकर आना चाहिए। इसके बाद उन्होंने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर आपत्ति जताई गई। बयान सामने आने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया और कांग्रेस नेताओं ने इसे लेकर बीजेपी नेता पर निशाना साधा।
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने शर्मा पर लगाए गंभीर आरोप
रामेश्वर शर्मा के बयान पर कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि शर्मा के बयानों से समाज में नफरत का माहौल पैदा होता है और इस बार उन्होंने बयान देते हुए मर्यादा की सीमा पार कर दी। मसूद ने शर्मा से अपने रवैये पर विचार करने को कहा। इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
विवाद बढ़ने पर रामेश्वर शर्मा ने दी अपनी सफाई
बयान को लेकर विवाद बढ़ने के बाद रामेश्वर शर्मा ने सफाई पेश की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता उनके बयान को अलग तरीके से पेश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने गरबा पंडालों को हिंदू धार्मिक आयोजन से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, वे वहां क्यों आना चाहते हैं। शर्मा ने यह भी कहा कि यदि किसी को हिंदू रीति-रिवाज और त्योहार पसंद हैं तो धर्म परिवर्तन के बाद गरबा खेलने में कोई आपत्ति नहीं होगी।
आरिफ मसूद को लेकर भी शर्मा ने दिया कड़ा बयान
सफाई के दौरान रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि यदि वह अपने तरीके पर उतर आए तो मसूद को भोपाल में छिपने की जगह नहीं मिलेगी। उनके इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया। शर्मा इससे पहले भी अपने एक बयान को लेकर चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने काजी चौक पर मिसाइल दागने की बात कही थी और बाद में सफाई दी थी।
कैलाश विजयवर्गीय का बयान भी विवादों में आया
इसी बीच मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान भी चर्चा में आ गया। विजयवर्गीय इंदौर में विकास कार्यों के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान वह स्थानीय वार्डों की समस्याओं का जिक्र कर रहे थे। मंच पर वार्ड नंबर छह की बीजेपी पार्षद संध्या यादव भी मौजूद थीं। इसी दौरान विजयवर्गीय की एक टिप्पणी को लेकर विवाद शुरू हो गया।
कांग्रेस ने महिलाओं के सम्मान का मुद्दा उठाया
विजयवर्गीय की टिप्पणी को लेकर कांग्रेस ने भी प्रतिक्रिया दी। कांग्रेस नेता शोभा ओझा ने आरोप लगाया कि बीजेपी नेताओं के बयानों से महिलाओं के प्रति उनकी सोच सामने आती है। उन्होंने विजयवर्गीय की टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान से जोड़ते हुए सवाल उठाए। इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद विजयवर्गीय को अपनी टिप्पणी पर सफाई देनी पड़ी।
कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, संध्या यादव बेटी जैसी हैं
मामला तूल पकड़ने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सफाई देते हुए कहा कि संध्या यादव उनके लिए बेटी जैसी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी टिप्पणी हल्के-फुल्के अंदाज में कही गई थी, लेकिन उसे जिस तरीके से प्रस्तुत किया गया, उससे उसका अर्थ अलग निकल गया। इसके बाद उन्होंने इस मामले पर माफी भी मांगी और अपनी टिप्पणी को लेकर खेद जताया।
संध्या यादव ने भी विजयवर्गीय का बचाव किया
वहीं, बीजेपी पार्षद संध्या यादव ने भी इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि कैलाश विजयवर्गीय उनके लिए पिता समान हैं और उन्होंने जो बात कही थी, वह मजाक के तौर पर कही गई थी। संध्या यादव ने कहा कि टिप्पणी को अनावश्यक रूप से बड़ा मुद्दा बनाया जा रहा है। इस तरह दोनों मामलों में बीजेपी नेताओं की टिप्पणियों के बाद विवाद हुआ और संबंधित नेताओं ने अपने-अपने बयान पर सफाई दी।
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