CGPSC Scam : छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग यानी CGPSC की भर्ती परीक्षाओं से जुड़े चर्चित मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने स्पेशल PMLA कोर्ट में तीन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघारिया के नाम शामिल बताए गए हैं। यह कार्रवाई मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद की गई है।
99 पन्नों की समरी के साथ 3700 पन्नों के दस्तावेज
ED ने कोर्ट में केवल चार्जशीट की समरी ही नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में दस्तावेज भी पेश किए हैं। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी ने करीब 99 पन्नों की समरी के साथ लगभग 3700 पन्नों के दस्तावेज अदालत में जमा किए हैं। इन दस्तावेजों में जांच के दौरान सामने आए तथ्यों, आरोपों और संबंधित लोगों की कथित भूमिका से जुड़े विवरण शामिल हैं।
वित्तीय लेन-देन की भी जांच
CGPSC मामले की जांच के दौरान ED ने कथित आर्थिक लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल की भी पड़ताल की है। अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से संबंधित रिकॉर्ड और जांच में जुटाए गए अन्य साक्ष्यों का उल्लेख बताया गया है। चार्जशीट में तीनों आरोपियों की कथित भूमिका को लेकर भी एजेंसी ने अपना पक्ष रखा है।
2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षा पर उठे सवाल
यह पूरा मामला CGPSC की वर्ष 2020 और 2021 की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप लगाए गए थे कि परीक्षा और इंटरव्यू की प्रक्रिया में कुछ प्रभावशाली लोगों से जुड़े उम्मीदवारों को कथित तौर पर लाभ पहुंचाया गया। डिप्टी कलेक्टर, DSP सहित विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर हुए चयन को लेकर भी सवाल उठे थे।
शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच
भर्ती प्रक्रिया को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद जांच एजेंसियों ने मामले के अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल शुरू की। शुरुआती जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) के स्तर पर हुई थी। जांच आगे बढ़ने के बाद मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI को सौंपा गया।
CBI जांच के बाद ED ने संभाला मनी लॉन्ड्रिंग एंगल
CBI ने जांच के दौरान मामले से जुड़े कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की। इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इसी प्रकरण में कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पहलुओं की जांच शुरू की। ED की जांच का फोकस कथित अवैध वित्तीय लेन-देन और उससे जुड़े पैसों के स्रोत तथा इस्तेमाल की जानकारी जुटाने पर रहा।
तीनों आरोपियों की कथित भूमिका का जिक्र
ED की ओर से दाखिल चार्जशीट में पूर्व CGPSC अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत उत्कर्ष चंद्राकर और चेतन बोरघारिया की कथित भूमिका का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। आरोप सिद्ध होने तक संबंधित व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता।
अब कोर्ट में आगे बढ़ेगी कानूनी प्रक्रिया
ED की चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब स्पेशल PMLA कोर्ट इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार करेगा। करीब 3700 पन्नों के दस्तावेज और 99 पन्नों की समरी के आधार पर अदालत मामले से जुड़े आरोपों और साक्ष्यों की जांच करेगी। CGPSC भर्ती से जुड़े इस मामले में आगे होने वाली सुनवाई पर अब सभी की नजर रहेगी।
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