Brent Crude Price : ग्लोबल ऑयल मार्केट में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क Brent Crude एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे कारोबार करता दिखाई दिया। मंगलवार को Brent फ्यूचर्स करीब 2.6 प्रतिशत गिरकर 98 डॉलर के आसपास पहुंच गया था। बुधवार को भी इसमें कमजोरी बनी रही। Reuters के अनुसार, शुरुआती कारोबार में Brent करीब 99.18 डॉलर और अमेरिकी WTI करीब 90.17 डॉलर प्रति बैरल पर था।
एक सप्ताह में क्रूड की कीमतों में बड़ी गिरावट
तेल बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार दबाव देखने को मिल रहा है। 16 सितंबर को Brent Crude करीब 107.82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था। इसके मुकाबले अब कीमत 100 डॉलर के नीचे आ गई है। यानी करीब एक सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय क्रूड में 6 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है। मंगलवार को Brent का भाव 97.69 डॉलर तक पहुंच गया था, जो 9 सितंबर के बाद का सबसे निचला स्तर बताया गया।
सऊदी अरब की पाइपलाइन बहाली से सप्लाई उम्मीद बढ़ी
क्रूड की कीमतों में गिरावट का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया से तेल आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम होना माना जा रहा है। सऊदी अरब ने हमले के बाद बंद हुई अपनी East-West Oil Pipeline में दोबारा पंपिंग शुरू कर दी है। यह पाइपलाइन देश के तेल क्षेत्रों से कच्चे तेल को लाल सागर के Yanbu पोर्ट तक पहुंचाने में मदद करती है और इससे Strait of Hormuz को बायपास किया जा सकता है। Reuters के मुताबिक शुरुआत में पाइपलाइन को कम क्षमता पर चलाया गया है, जबकि पूरी 70 लाख बैरल प्रतिदिन की क्षमता बहाल होने में कई सप्ताह लग सकते हैं।
Hormuz और अमेरिका-ईरान बातचीत पर बाजार की नजर
तेल बाजार में अमेरिका-ईरान तनाव भी कीमतों को प्रभावित कर रहा है। निवेशकों को संकेत मिल रहे हैं कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई हैं। इसके अलावा Strait of Hormuz से जुड़े सप्लाई जोखिमों में कमी की उम्मीद भी बाजार को राहत दे रही है। हालांकि क्षेत्र में सैन्य तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है, इसलिए क्रूड मार्केट में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
Bank of America ने 150 डॉलर का खतरा बताया
जहां फिलहाल क्रूड 100 डॉलर के नीचे आ गया है, वहीं लंबे समय के सप्लाई रिस्क को लेकर चेतावनियां भी सामने आ रही हैं। Bank of America ने कहा है कि अगर ईरान युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति और इन्वेंट्री पर दबाव बढ़ता है, तो क्रूड ऑयल 150 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकता है। बैंक ने अपने साल के अंत के Brent अनुमान को भी 83 डॉलर से बढ़ाकर 95 डॉलर प्रति बैरल किया है।
अमेरिकी क्रूड इन्वेंट्री ने भी कीमतों पर दबाव डाला
अमेरिका के क्रूड इन्वेंट्री आंकड़े भी बाजार के लिए अहम रहे हैं। 16 सितंबर को जारी EIA के आंकड़ों के अनुसार, 11 सितंबर को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी क्रूड स्टॉक करीब 70.8 करोड़ बैरल रहा। बाजार में इन्वेंट्री और सप्लाई संकेतों को बारीकी से देखा जा रहा है, क्योंकि पर्याप्त भंडार तेल की तत्काल कमी की आशंका को कम कर सकता है।
आगे क्रूड की दिशा किन बातों पर निर्भर करेगी
फिलहाल तेल बाजार की दिशा मुख्य रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति, Strait of Hormuz में आवाजाही, सऊदी पाइपलाइन की पूरी क्षमता से बहाली और अमेरिका-ईरान बातचीत पर निर्भर करेगी। यदि सप्लाई सामान्य होने के संकेत मजबूत होते हैं, तो कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। वहीं, किसी नए सैन्य हमले या महत्वपूर्ण तेल मार्ग में बाधा आने पर बाजार में दोबारा तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
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