Billy Root Retirement : इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट के छोटे भाई बिली रूट ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। 34 वर्षीय बिली ने बुधवार को घोषणा की कि 2026 का मौजूदा घरेलू सीजन उनके पेशेवर क्रिकेट करियर का आखिरी सीजन होगा। काउंटी क्रिकेट में नॉटिंघमशर से करियर शुरू करने वाले बिली लंबे समय तक घरेलू क्रिकेट का हिस्सा रहे हैं।
ग्लैमोर्गन के साथ सात साल का सफर
बिली रूट 2019 में ग्लैमोर्गन काउंटी क्लब से जुड़े थे। इसके बाद पिछले सात सीजन में उन्होंने टीम के लिए अहम भूमिका निभाई। क्लब के मध्यक्रम में उनकी मौजूदगी लंबे समय तक महत्वपूर्ण रही। हालांकि, पिछले दो घरेलू सीजन में बल्ले से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाने के बाद उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कहने का निर्णय लिया।
तीनों फॉर्मेट में बनाए 6406 रन
बिली रूट ने 2015 से इंग्लिश काउंटी क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने घरेलू क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कुल 83 फर्स्ट क्लास, 60 लिस्ट-ए और 50 टी20 मुकाबले खेले। इन सभी मुकाबलों को मिलाकर उनके नाम 6406 रन दर्ज हैं। इस दौरान उन्होंने 10 शतक और 26 अर्धशतक लगाए, जबकि उनकी सबसे बड़ी पारी 229 रन रही।
ग्लैमोर्गन के लिए यादगार रही 229 रन की पारी
बिली रूट ने ग्लैमोर्गन के लिए अपने पहले ही सीजन में शानदार दोहरा शतक लगाया था। उन्होंने नॉर्थम्पटनशर के खिलाफ 229 रनों की बेहतरीन पारी खेली थी। यह उनके घरेलू करियर की सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत पारी रही। इस प्रदर्शन ने ग्लैमोर्गन के साथ उनके शुरुआती सफर को यादगार बना दिया था।
आखिरी सीजन में बल्ले से नहीं चला प्रदर्शन
मौजूदा काउंटी चैंपियनशिप सीजन में बिली रूट चार पारियों में केवल 28 रन बना सके। इससे पहले पिछले सीजन में भी उनका बल्ला ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाया था और उन्होंने पांच पारियों में 56 रन बनाए थे। हालांकि, इन हालिया आंकड़ों के बावजूद घरेलू क्रिकेट में उनका लंबा करियर कई महत्वपूर्ण पारियों और उपलब्धियों से भरा रहा।
इंग्लैंड के लिए नहीं खेल सके अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट
बिली रूट ने घरेलू क्रिकेट में लंबा अनुभव हासिल किया, लेकिन उन्हें इंग्लैंड की राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। अपने पूरे पेशेवर करियर के दौरान वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहे। इसके बावजूद उन्होंने काउंटी स्तर पर लगातार क्रिकेट खेलते हुए अपनी अलग पहचान बनाई और दो प्रमुख क्लबों का प्रतिनिधित्व किया।
चार ट्रॉफी जीतने पर जताया गर्व
संन्यास की घोषणा करते हुए बिली रूट ने अपने क्रिकेट सफर को लेकर भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दो शानदार क्लबों का प्रतिनिधित्व करना और चार ट्रॉफी जीतने वाली टीमों का हिस्सा बनना उनके लिए बड़े सम्मान की बात रही। उन्होंने क्रिकेट को बचपन से पसंद किया और इसी खेल को पेशे के रूप में अपनाने को अपने लिए सौभाग्य बताया।
14 साल के सफर को बताया खास
बिली रूट ने अपने करीब 14 साल के पेशेवर क्रिकेट सफर को याद करते हुए कहा कि इस दौरान कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन वह अपने अतीत में कुछ बदलना नहीं चाहेंगे। उन्होंने अपने साथ सफर करने वाले लोगों और बचपन के सपने को पूरा करने का मौका देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया। उनके मुताबिक, इस यात्रा में योगदान देने वाले हर व्यक्ति का वह हमेशा शुक्रिया अदा करेंगे।
दूसरी तरफ जो रूट बना रहे रिकॉर्ड
बिली रूट के संन्यास के बीच उनके बड़े भाई और इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार नए रिकॉर्ड बना रहे हैं। हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ पहले वनडे में जो रूट ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने 23 हजार रन पूरे किए। यह उपलब्धि उनके लंबे और शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है।
सचिन के टेस्ट रन रिकॉर्ड पर जो रूट की नजर
जो रूट टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के रिकॉर्ड की ओर भी बढ़ रहे हैं। बेन स्टोक्स के बाद उन्होंने दोबारा इंग्लैंड की टेस्ट कप्तानी संभाली है। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार जो रूट सचिन तेंदुलकर के टेस्ट रन रिकॉर्ड से 1643 रन पीछे बताए जा रहे हैं। ऐसे में दोनों भाइयों के क्रिकेट करियर की राहें अलग-अलग पड़ाव पर पहुंच गई हैं।
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