Putin G20 Summit 2026: अमेरिका ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को दिसंबर में मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने 23 सितंबर 2026 को इसकी जानकारी दी। रूबियो ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका G20 के मेजबान देश के तौर पर पुतिन को बैठक में आमंत्रित करेगा।
रूबियो बोले, वैश्विक नेताओं से बातचीत का मिलेगा मौका
मार्को रूबियो ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रूसी राष्ट्रपति इस निमंत्रण को स्वीकार करेंगे। उनके मुताबिक, G20 सम्मेलन पुतिन के लिए केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत करने का ही नहीं, बल्कि दुनिया के दूसरे नेताओं के साथ संवाद करने का भी अवसर होगा। रूबियो ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पुतिन की संभावित मौजूदगी को लेकर अमेरिकी रुख स्पष्ट किया।
ट्रंप-पुतिन के बीच पहले भी हो चुकी है बातचीत
रूबियो ने यह भी बताया कि डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमीर पुतिन के बीच फोन पर कई बार बातचीत हो चुकी है। अमेरिका और रूस के बीच संबंधों तथा यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार कूटनीतिक संपर्क बना हुआ है। रूबियो और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की भी संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान मुलाकात हुई, जिसमें रूस-यूक्रेन युद्ध और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
ट्रंप की नीति, सभी पक्षों से बातचीत पर जोर
रूबियो ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बातचीत को लेकर रुख का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ट्रंप लगभग किसी से भी मिलने और बातचीत करने के लिए तैयार रहते हैं। उनके अनुसार, केवल उन लोगों से बातचीत करना पर्याप्त नहीं है जिनके विचारों से आप सहमत हों। रूबियो ने संकेत दिया कि असहमति रखने वाले पक्षों के साथ संवाद भी किसी समस्या के समाधान की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।
G20 में रूस की सदस्यता बनी हुई है
रूस G20 का सदस्य बना हुआ है और ऐसे में अमेरिकी निमंत्रण अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी भागीदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। हालांकि, व्लादिमीर पुतिन लंबे समय से G20 नेताओं के शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हुए हैं। इससे पहले भी रूस की ओर से कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठकों में वरिष्ठ अधिकारियों या विदेश मंत्री ने प्रतिनिधित्व किया है।
पुतिन के दौरे को लेकर अभी क्या स्थिति है?
अमेरिकी विदेश मंत्री की घोषणा के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि व्लादिमीर पुतिन मियामी में होने वाले G20 शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल होते हैं या नहीं। फिलहाल उनकी ओर से सम्मेलन में शामिल होने को लेकर अंतिम निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है। इसलिए निमंत्रण को पुतिन की यात्रा की पुष्टि के तौर पर नहीं देखा जा सकता।
यूक्रेन युद्ध के बीच कूटनीतिक संपर्क अहम
G20 सम्मेलन का आयोजन ऐसे समय में होगा जब रूस-यूक्रेन युद्ध और दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। रूबियो और लावरोव की मुलाकात भी इसी व्यापक कूटनीतिक संपर्क के बीच हुई है। ऐसे में यदि पुतिन सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो वहां अमेरिकी नेतृत्व समेत अन्य देशों के नेताओं के साथ उनकी संभावित बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहेगी।
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