Shehbaz Sharif UNGA 2026 : संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में हिस्सा लेने न्यूयॉर्क पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को हाफिज सईद और आतंकवाद से जुड़े सवालों का सामना करना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश और बाहर निकलने के दौरान भारतीय पत्रकारों ने उनसे सीधे सवाल किए, लेकिन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर और मानवाधिकारों को लेकर संयुक्त राष्ट्र मंच पर बयानबाजी तेज है।
आतंकवादियों को पनाह देने पर पूछा गया सवाल
रिपोर्टों के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश करते समय ANI के पत्रकार ने शहबाज शरीफ से पूछा कि पाकिस्तान आतंकवादियों को पनाह देना कब बंद करेगा। सवाल पूछे जाने के बावजूद शहबाज शरीफ आगे बढ़ते रहे और उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। बाद में जब वह मुख्यालय से बाहर निकले, तब उनसे दोबारा लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक हाफिज सईद पर मुकदमा चलाने को लेकर सवाल किया गया। इस बार भी उन्होंने जवाब नहीं दिया और अपनी कार में बैठकर रवाना हो गए।
हाफिज सईद पर NIA की चार्जशीट में बड़ा अपडेट
हाफिज सईद को लेकर भारत की जांच एजेंसियों की कार्रवाई भी हाल के महीनों में चर्चा में रही है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने जुलाई 2026 में पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख और संस्थापक हाफिज सईद को आरोपी बनाया था। NIA के अनुसार, उसे व्यक्तिगत क्षमता के साथ-साथ LeT और उसके सक्रिय प्रॉक्सी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) के प्रमुख के तौर पर भी आरोपी बनाया गया।
पहलगाम हमले की साजिश में नाम शामिल
NIA की चार्जशीट के अनुसार, हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एजेंसी ने सीमा पार साजिश और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने से संबंधित प्रावधानों का भी उल्लेख किया है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। मामले की जांच में NIA ने पाकिस्तान स्थित नेटवर्क और LeT/TRF की भूमिका से जुड़े आरोपों को अपनी चार्जशीट में रखा है।
UNHRC में भारत ने पाकिस्तान पर उठाए सवाल
शहबाज शरीफ से सवाल-जवाब की घटना से एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भी भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई मुद्दे उठाए थे। भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने अपने जवाब में कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं के बजाय अपने नागरिकों के विकास और आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद और पाकिस्तान की कर्ज पर निर्भर अर्थव्यवस्था का भी उल्लेख किया।
PoK में मानवाधिकारों को लेकर भारत का दावा
क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में नागरिकों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। भारतीय पक्ष ने नागरिकों की मौत, छात्रों की गिरफ्तारियों तथा भोजन और दवाइयों जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर रिपोर्टों का हवाला दिया। भारत ने पाकिस्तान के सामने इन मुद्दों पर जवाबदेही का सवाल रखा और जम्मू-कश्मीर को लेकर अपनी स्थापित स्थिति दोहराई। ये आरोप भारतीय प्रतिनिधि की ओर से संयुक्त राष्ट्र मंच पर रखे गए दावे हैं।
आतंकवाद और अर्थव्यवस्था पर बढ़ी कूटनीतिक बहस
इस पूरे घटनाक्रम से संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे कूटनीतिक टकराव की तस्वीर सामने आती है। एक ओर भारत पाकिस्तान पर सीमा पार आतंकवाद और आतंकवादी संगठनों को लेकर सवाल उठाता रहा है, वहीं पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता है। शहबाज शरीफ से हाफिज सईद पर पूछे गए सवाल और UNHRC में भारत की प्रतिक्रिया ने इन पुराने विवादों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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