CEC Gyanesh Kumar Protest : विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस ने शुक्रवार को देश के कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, मतदाता सूचियों की प्रक्रिया की समीक्षा और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई। यह प्रदर्शन उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ है, जिसमें चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी द्वारा पिछले 10 महीनों में आयोग के कुछ फैसलों पर कथित तौर पर 14 बार आपत्ति दर्ज किए जाने की बात सामने आई थी।
जम्मू में प्रदर्शन के दौरान कई कांग्रेस नेता हिरासत में
जम्मू में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश की। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस सांसद और पार्टी महासचिव डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए और उनका पुतला भी फूंका। पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती के बीच प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका गया। इस दौरान धक्का-मुक्की की स्थिति बनी और कई नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
चंडीगढ़ में बैरिकेडिंग और वॉटर कैनन का इस्तेमाल
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कार्यकर्ता चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में जुटे। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग कार्यालय की ओर बढ़ने और घेराव करने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड लगाए और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई। कांग्रेस ने मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता की मांग की।
हरियाणा में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
हरियाणा में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर मार्च किया। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों की समीक्षा की मांग रखी। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह और राज्य प्रभारी संजय दत्त ने किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर नारेबाजी की।
दिल्ली में यूथ कांग्रेस ने उठाए सवाल
दिल्ली में भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की अगुवाई में प्रदर्शन हुआ। चिब ने मतदाता सूची और SIR को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में भारतीयों के मताधिकार पर असर पड़ा है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पार्टी तब तक आंदोलन जारी रखेगी, जब तक उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती।
पटना में कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
पटना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेता ऋषि मिश्रा ने SIR से जुड़े आदेश, फॉर्म-6 में किए गए बदलाव और सॉफ्टवेयर के जरिए स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने इन व्यवस्थाओं को लेकर कानूनी और संवैधानिक जांच की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इन मुद्दों की स्वतंत्र समीक्षा जरूरी है।
ईटानगर में SIR रोकने की मांग
अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन भवन के पास प्रदर्शन किया। पार्टी ने SIR प्रक्रिया रोकने, मतदाता सूची से जुड़े फैसलों की स्वतंत्र जांच और जांच पूरी होने तक संबंधित चुनावों को स्थगित करने की मांग रखी। कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और SIR से संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखने की मांग भी उठाई। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा।
गुवाहाटी में गौरव गोगोई समेत नेता हिरासत में
असम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई के नेतृत्व में राजीव भवन से मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेड लगाए, जिन्हें पार करने की कोशिश के बाद गोगोई सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस प्रवक्ता ने इसे बलपूर्वक कार्रवाई बताते हुए विरोध जताया और कहा कि पार्टी मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन जारी रखेगी।
मणिपुर में पुतला फूंककर जताया विरोध
मणिपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला फूंका और SIR को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। कांग्रेस ने मतदाता सूची में बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।
पश्चिम बंगाल में रैली को पुलिस ने रोका
पश्चिम बंगाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार के नेतृत्व में रैली निकाली गई। मार्च कोलकाता विश्वविद्यालय के कॉलेज स्ट्रीट परिसर से शुरू होकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर बढ़ रहा था। पुलिस ने बी.बी. गांगुली स्ट्रीट चौराहे पर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुतला फूंका और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
मेघालय में भी प्रदर्शन और पुतला दहन
शिलांग में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विंसेंट एच. पाला के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। अतिरिक्त सचिवालय के पास प्रदर्शन समाप्त हुआ, जहां कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया। पाला ने चुनाव आयोग के भीतर सामने आई आपत्तियों का हवाला देते हुए मामले की जांच और जवाबदेही तय करने की मांग की।
चुनाव आयोग ने फैसलों को बताया सर्वसम्मत
वहीं, चुनाव आयोग ने मीडिया में सामने आई रिपोर्ट पर कहा है कि आयोग द्वारा लिए गए फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। आयोग के अनुसार SIR से जुड़े निर्णयों सहित उसकी कार्यप्रणाली में किसी प्रकार की असहमति के आधार पर फैसले होने का दावा सही नहीं है। दूसरी ओर, रिपोर्ट में चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कई मुद्दों पर दर्ज आपत्तियों का उल्लेख किया गया है।
SIR को लेकर बढ़ता राजनीतिक विवाद
SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच विवाद लगातार बढ़ रहा है। कांग्रेस और विपक्षी दल मतदाता सूची की प्रक्रिया, डेटा प्रबंधन और पात्र मतदाताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग अपनी प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित किए जाने की बात कह रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में SIR से जुड़े फैसलों, चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों की समीक्षा का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना रह सकता है।
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