SIR Protest : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर देशभर में जारी राजनीतिक बहस के बीच शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी AISA की दिल्ली इकाई की ओर से आयोजित नागरिक विरोध प्रदर्शन और जनसभा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड पर रोका
प्रदर्शन में शामिल होने के लिए AISA कार्यकर्ताओं के अलावा सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, अधिवक्ता प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और अन्य लोग भी पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जंतर-मंतर के धरना स्थल तक जाने से रोक दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड के पास ही रोककर हिरासत में लेना शुरू कर दिया।
योगेंद्र यादव समेत कई लोग हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र यादव समेत 40 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग समूहों में बसों में बैठाया। कार्रवाई के दौरान AISA कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की होने की भी बात सामने आई है। इसके बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई धक्का-मुक्की
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैरिकेड पार करने की कोशिश कर रहे कुछ प्रदर्शनकारियों को पुलिस और सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। इसके बाद एक-एक करके लोगों को हिरासत में लेकर बसों में भेजा गया। रिपोर्ट के मुताबिक, महिला पुलिसकर्मियों ने महिला प्रदर्शनकारियों और छात्राओं को भी अलग बस में बैठाकर मौके से रवाना किया। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की अंतिम संख्या की आधिकारिक पुष्टि अलग से प्रतीक्षित रही।
महुआ मोइत्रा भी पहुंचीं प्रदर्शन स्थल
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा भी प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचीं। हालांकि, पुलिस की हिरासत कार्रवाई शुरू होने से पहले वह वहां से निकल गईं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई और उन्हें पद से हटाने की मांग की। उनके बयान विपक्ष की ओर से SIR और चुनाव आयोग को लेकर उठाए जा रहे सवालों के बीच सामने आए।
अंजलि भारद्वाज ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि भारद्वाज ने SIR की प्रक्रिया को लेकर अपनी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया में कई खामियां हैं और इसे जिस तरीके से लागू किया जा रहा है, उससे मतदाताओं से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल पैदा हो रहे हैं। ये आरोप प्रदर्शनकारियों और विपक्षी समूहों द्वारा लगाए जा रहे हैं।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठाए गए सवाल
AISA ने अपने प्रदर्शन के दौरान चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और मतदाता सूची के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। संगठन ने द इंडियन एक्सप्रेस की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान ‘ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो’ जैसे नारे भी लगाए गए।
प्रदर्शन में कई प्रमुख चेहरे हुए शामिल
जंतर-मंतर के इस प्रदर्शन में AISA की अध्यक्ष नेहा, योगेंद्र यादव, आरजेडी सांसद मनोज झा, CPI(ML) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण, अंजलि भारद्वाज और नंदिता नारायण समेत कई लोग शामिल हुए। आयोजकों के मुताबिक, प्रदर्शन का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक बहस के केंद्र में लाना था।
SIR को लेकर जारी है राजनीतिक विवाद
SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक समूहों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपने फैसलों और प्रक्रिया को लेकर अपना पक्ष रख चुका है। ऐसे में मतदाता सूची, चुनावी प्रक्रिया और आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक बहस जारी है। जंतर-मंतर का प्रदर्शन इसी व्यापक विवाद की कड़ी के रूप में सामने आया है।
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