Heart Health : अक्सर माना जाता है कि शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल यानी LDL बढ़ने से दिल की धमनियों में ब्लॉकेज होने लगता है और इससे हार्ट कमजोर पड़ सकता है। हालांकि, हृदय की सेहत केवल कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर निर्भर नहीं करती। कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं और रोजमर्रा की आदतें भी हार्ट पर दबाव डाल सकती हैं और हार्ट अटैक समेत हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती हैं। गोरखपुर स्थित रीजेंसी हॉस्पिटल की कंसल्टेंट-कार्डियोलॉजी डॉक्टर प्रियंका सिंह ने बैड कोलेस्ट्रॉल के अलावा कुछ महत्वपूर्ण जोखिम कारकों के बारे में बताया है।
हाई ब्लड प्रेशर दिल पर लगातार बढ़ाता है दबाव
हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप हार्ट की सेहत के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक माना जाता है। जब लंबे समय तक ब्लड प्रेशर बढ़ा रहता है, तो धमनियों पर लगातार अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके कारण हृदय को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक रक्त पहुंचाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इसे नियंत्रित रखना दिल की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
बढ़ा हुआ ब्लड शुगर भी हार्ट के लिए बन सकता है खतरा
डायबिटीज और लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर भी हृदय संबंधी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकता है। रक्त में ग्लूकोज का स्तर अधिक रहने से रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में केवल कोलेस्ट्रॉल की जांच पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। ब्लड शुगर की नियमित निगरानी और उसे नियंत्रित रखने की कोशिश भी हृदय स्वास्थ्य की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
नींद पूरी नहीं होने से प्रभावित हो सकती है दिल की सेहत
पर्याप्त नींद शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए जरूरी है और इसका संबंध हृदय स्वास्थ्य से भी है। लगातार कम सोने या अनियमित स्लीप पैटर्न के कारण शरीर पर तनाव बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर प्रभावित हो सकता है। इसलिए वयस्कों को अपनी दिनचर्या में पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण नींद के लिए समय निकालना चाहिए। नियमित नींद शरीर को आराम देने के साथ स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने में मदद करती है।
सुस्त जीवनशैली हार्ट और शरीर दोनों के लिए नुकसानदायक
दिनभर बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि बेहद कम करना भी हृदय स्वास्थ्य के लिए सही नहीं माना जाता। नियमित एक्सरसाइज, योग, तेज चाल से पैदल चलना या अन्य शारीरिक गतिविधियां शरीर को सक्रिय रखने में मदद करती हैं। इसके विपरीत लंबे समय तक निष्क्रिय रहने से वजन बढ़ने और शरीर में अतिरिक्त चर्बी जमा होने का जोखिम बढ़ सकता है, जो आगे चलकर हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़ सकता है।
तंबाकू और सिगरेट से धमनियों पर पड़ सकता है गंभीर असर
तंबाकू और सिगरेट का सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। तंबाकू के धुएं में मौजूद हानिकारक रसायन रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं, धमनियों को संकुचित कर सकते हैं और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इससे हृदय तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता है। इसलिए दिल की सेहत को सुरक्षित रखने के लिए तंबाकू और सिगरेट से दूरी बनाना महत्वपूर्ण कदम है।
हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए सिर्फ कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान न दें
दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए केवल बैड कोलेस्ट्रॉल की जांच पर्याप्त नहीं है। ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना, पर्याप्त नींद लेना, नियमित शारीरिक गतिविधि करना और तंबाकू से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है। साथ ही, यदि सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना या अचानक असहजता जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना चाहिए।
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