Political Donation Scam : गुजरात CID क्राइम की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने आयकर विभाग की शिकायतों के आधार पर कई गैर-मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों (RUPPs) से जुड़े कथित फर्जी राजनीतिक चंदे और टैक्स चोरी के मामलों में कार्रवाई की है। रिपोर्टों के मुताबिक, चार अलग-अलग मामलों में करीब 2,284 करोड़ रुपये के कथित बोगस डोनेशन और 700 करोड़ रुपये से अधिक की संभावित टैक्स देनदारी/नुकसान का मामला सामने आया है।
चार राजनीतिक दल जांच के दायरे में
मामलों में भारतीय नेशनल जनता दल (BNJD), स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी (SAP), गरीब कल्याण पार्टी (GKP) और सत्यवादी रक्षक पार्टी (SRP) के नाम सामने आए हैं। CID ने धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और कथित फर्जी दस्तावेजों से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। हालांकि, इन मामलों में लगाए गए आरोप अभी जांच के अधीन हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
ऐसे चलता था कथित चंदे का नेटवर्क
आयकर विभाग की शिकायतों के अनुसार, कथित तौर पर इन दलों के बैंक खातों में करदाताओं से चेक या RTGS के जरिए रकम जमा कराई जाती थी। इसके बदले राजनीतिक चंदे की रसीदें जारी की जाती थीं, जिनका इस्तेमाल आयकर कानून की संबंधित धाराओं के तहत टैक्स लाभ लेने के लिए किया जाता था। इसके बाद रकम को कथित तौर पर दूसरी कंपनियों या मध्यस्थ खातों में भेजा जाता और फर्जी खरीद-बिक्री के बिल तैयार किए जाते थे।
कमीशन काटकर कैश लौटाने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, फर्जी बिलों के आधार पर रकम निकालने के बाद कथित तौर पर तय कमीशन काटा जाता था और बाकी पैसा मूल दाताओं को नकद वापस कर दिया जाता था। अलग-अलग मामलों में यह कमीशन करीब 5 से 10 प्रतिशत तक होने का आरोप है। जांच में कुछ शेल या मध्यस्थ कंपनियों के जरिए रकम को कई स्तरों पर ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई है।
BNJD पर सबसे बड़ी रकम का आरोप
भारतीय नेशनल जनता दल से जुड़े मामले में आयकर विभाग के अनुसार, 2019-20 से 2024-25 के बीच 56,238 दाताओं से करीब 1,143.85 करोड़ रुपये का कथित बोगस चंदा लिया गया। इस मामले में लगभग 343 करोड़ रुपये के कथित टैक्स नुकसान का अनुमान लगाया गया है। पार्टी अध्यक्ष सुरेंद्रकुमार गजेरा, महासचिव विपुल सोलंकी, कोषाध्यक्ष रोनकसिंह चावड़ा और CA आदिल सैयद के नाम आरोपी के तौर पर सामने आए हैं।
SAP के मामले में 519 करोड़ का आरोप
स्वतंत्रता अभिव्यक्ति पार्टी के खिलाफ शिकायत में 2023-24 और 2024-25 के दौरान करीब 519 करोड़ रुपये के कथित फर्जी चंदे का उल्लेख है। आयकर विभाग ने इससे करीब 155 करोड़ रुपये के संभावित टैक्स नुकसान का अनुमान लगाया है। मामले में पार्टी पदाधिकारी, टैक्स कंसल्टेंट और CA को आरोपी बनाया गया है। शिकायत के अनुसार, रकम को कथित तौर पर कारोबारी संस्थाओं के जरिए घुमाकर दाताओं को कमीशन काटने के बाद वापस किया जाता था।
गरीब कल्याण पार्टी पर 206 करोड़ का मामला
गरीब कल्याण पार्टी के मामले में 2022-23 से 2025-26 के बीच करीब 206.76 करोड़ रुपये के कथित फर्जी डोनेशन की बात सामने आई है। आयकर विभाग ने करीब 62 करोड़ रुपये के संभावित सरकारी राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया है। शिकायत में पार्टी पदाधिकारियों के साथ कई चार्टर्ड अकाउंटेंट और कथित मध्यस्थों के नाम भी शामिल हैं।
सत्यवादी रक्षक पार्टी की भूमिका की जांच
सत्यवादी रक्षक पार्टी से जुड़े मामले में करीब 415 करोड़ रुपये के कथित बोगस राजनीतिक चंदे और लगभग 124.5 करोड़ रुपये के संभावित सरकारी नुकसान का उल्लेख रिपोर्टों में किया गया है। मामले में पार्टी पदाधिकारियों और एक कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट की भूमिका की जांच की जा रही है।
फर्जी दस्तावेज और ऑडिट रिपोर्ट की जांच
FIR में आरोप है कि कुछ मामलों में कथित तौर पर फर्जी बिल, योगदान रिपोर्ट और ऑडिट दस्तावेज तैयार किए गए। जांच एजेंसियां यह भी देख रही हैं कि संबंधित CA और अन्य लोगों ने बैंक खातों तथा वित्तीय रिकॉर्ड का पर्याप्त सत्यापन किया था या नहीं। गुजरात CID अब इन लेनदेन, दस्तावेजों और कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की आगे जांच कर रही है।
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