Rahul Gandhi on Election : कांग्रेस कार्य समिति यानी CWC की मंगलवार को हुई बैठक में चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर पार्टी की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपने पुराने आरोपों और चिंताओं को दोहराया। सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले करीब दो वर्षों से इन मुद्दों को लगातार उठा रहे हैं, लेकिन शुरुआत में कई लोगों ने उनके दावों पर भरोसा नहीं किया।
राहुल गांधी बोले, अब मुद्दे पर बढ़ी चर्चा
बैठक में राहुल गांधी ने कहा कि समय के साथ इस विषय को लेकर चर्चा का दायरा बढ़ा है। उनके अनुसार, तथ्यों और प्रेजेंटेशन के आधार पर अपनी बात रखने के बाद चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर ज्यादा चर्चा होने लगी है। कांग्रेस पिछले कुछ समय से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूचियों में होने वाले बदलावों को लेकर लगातार सवाल उठा रही है। पार्टी का कहना है कि इन मुद्दों पर पारदर्शिता और स्पष्टता जरूरी है।
EVM और वोटर लिस्ट पर ‘मैच फिक्सिंग’ का आरोप
राहुल गांधी ने CWC बैठक के दौरान चुनावों में कथित ‘मैच फिक्सिंग’ को लेकर अपना आरोप दोहराया। उनके अनुसार, यह कथित प्रक्रिया दो स्तरों पर हो रही है। पहला मुद्दा EVM से जुड़ा है, जबकि दूसरा मतदाता सूची में बदलाव से संबंधित है। उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों का भी उल्लेख किया। राहुल गांधी ने 2024 के चुनाव को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया पर ऐसे आरोप सही साबित होते हैं तो सरकार की वैधता और उसके बनाए कानूनों पर भी सवाल उठेंगे।
चुनाव आयोग ने प्रक्रियाओं का किया बचाव
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोप राजनीतिक दावे हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने चुनावी प्रक्रिया की अखंडता और मतदाता सूची तैयार करने तथा उसमें संशोधन की निर्धारित प्रक्रियाओं का बचाव किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची से संबंधित बदलाव निर्धारित कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत किए जाते हैं। ऐसे में चुनाव आयोग और कांग्रेस के दावों के बीच राजनीतिक और सार्वजनिक बहस लगातार जारी है।
CEC नियुक्ति और कानूनी संरक्षण का मुद्दा
CWC बैठक में राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त यानी CEC की नियुक्ति की प्रक्रिया और चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने से जुड़े प्रावधानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने वर्ष 2023 में संबंधित विधेयक को लोकसभा में पेश किए जाने के समय विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाया। राहुल गांधी ने इन घटनाक्रमों को चुनाव आयोग की मौजूदा स्थिति से जोड़ते हुए सरकार की भूमिका पर सवाल किए।
संसद और सड़क दोनों जगह आंदोलन की तैयारी
राहुल गांधी ने कांग्रेस की आगे की रणनीति पर भी चर्चा की। उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से विरोध और प्रतिरोध का अभियान जारी रखने की बात कही। उनके मुताबिक, कांग्रेस को इन मुद्दों को केवल संसद तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि सड़क पर भी लोगों के बीच जाकर अपनी बात रखनी चाहिए। कांग्रेस पहले ही चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा कर चुकी है।
चुनाव आयोग पर विपक्ष का बढ़ता दबाव
CWC की बैठक ऐसे समय हुई है जब चुनाव आयोग की मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। हाल की रिपोर्टों में SIR से जुड़े कुछ फैसलों को लेकर चुनाव आयोग के दो आयुक्तों की कथित आपत्तियों का उल्लेख किया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग ने निर्णय प्रक्रिया को लेकर सामने आए दावों पर अपना पक्ष रखा है और कहा है कि मतदाता सूची से संबंधित कार्य निर्धारित नियमों के अनुसार किए जा रहे हैं।
मतदाता सूची की प्रक्रिया पर आयोग का पक्ष
चुनाव आयोग ने मतदाता सूची से संबंधित सॉफ्टवेयर और प्रक्रियाओं की समीक्षा के लिए भी कदम उठाए हैं। आयोग की ओर से लगातार यह कहा गया है कि मतदाता सूची में संशोधन और पुनरीक्षण निर्धारित नियमों के तहत होता है। दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इस वजह से SIR का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है।
INDIA गठबंधन की बैठक पर भी नजर
CWC बैठक के बाद कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर अपना अभियान आगे बढ़ाने के संकेत मिले हैं। इसी बीच बुधवार को INDIA गठबंधन के नेताओं की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया, SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर साझा रणनीति पर चर्चा कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद के साथ-साथ राजनीतिक मंचों पर भी प्रमुखता से उठने की संभावना है।
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