CG Narbali Case : छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में अंधविश्वास और गड़े हुए धन यानी हांडा के लालच से जुड़ा कथित नरबलि का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मामला जगदलपुर के कोहकापाल गांव का बताया जा रहा है, जहां एक 12 वर्षीय बच्चे की कथित तौर पर नरबलि देने की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, घटना से जुड़े आरोपों की आधिकारिक पुष्टि और पुलिस जांच का अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
दो ग्रामीणों पर लगाए गए गंभीर आरोप
मामले में गांव के ही लखीराम और गुरुसाय पर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों पर गड़े हुए धन को हासिल करने के कथित अंधविश्वास के चलते बच्चे को निशाना बनाने का आरोप है। बताया गया कि घटना की जानकारी सामने आने के बाद 28 सितंबर को गांव में पंचायत की बैठक बुलाई गई थी। ग्रामीणों का दावा है कि बैठक के दौरान दोनों ने कथित रूप से घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की।
पंचायत बैठक में सामने आया ग्रामीणों का दावा
ग्रामीणों के अनुसार पंचायत की बैठक में हांडा हासिल करने के लिए बच्चे की कथित नरबलि की कोशिश से संबंधित बातें सामने आईं। इस दावे के बाद गांव में भय और नाराजगी का माहौल बनने की बात कही जा रही है। हालांकि, किसी भी आरोप को अंतिम सत्य मानने से पहले पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान का इंतजार करना जरूरी है।
पहले भी ऐसी घटना होने का दावा
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कोहकापाल गांव में कथित नरबलि की कोशिश का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी इसी तरह की घटना सामने आने का दावा किया जा रहा है। लगातार इस तरह के आरोप सामने आने के बाद गांव में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से अंधविश्वास से जुड़ी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
थाने में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
ग्रामीणों के मुताबिक, मामले को लेकर नगरनार थाने में लिखित शिकायत भी दी गई थी। हालांकि, उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद ग्रामीण जगदलपुर पहुंचे और वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कराने और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की मांग की है।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
घटना के आरोपों के बाद सबसे बड़ी चिंता गांव के बच्चों की सुरक्षा को लेकर जताई जा रही है। अभिभावकों का कहना है कि यदि पहले भी इस तरह के आरोप सामने आए थे, तो बच्चों की सुरक्षा के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाए जाने चाहिए थे। ग्रामीण चाहते हैं कि पुलिस जांच के साथ गांव में जागरूकता और सुरक्षा संबंधी उपाय भी किए जाएं।
अंधविश्वास और गड़े धन के लालच पर सवाल
कोहकापाल मामले ने अंधविश्वास और कथित नरबलि जैसी कुप्रथाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। गड़े हुए धन को हासिल करने की मान्यता के चलते किसी बच्चे को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने का आरोप बेहद गंभीर है। फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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