Bihar Flood : नेपाल और उत्तर प्रदेश में हुई भारी बारिश के बाद बिहार में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। गुरुवार को गंडक नदी कई स्थानों पर अब तक दर्ज उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर बहती रही। इससे तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। राज्य सरकार ने स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं तथा संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने गंगा के जलस्तर का लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में जेपी गंगा पथ पहुंचकर गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चौबीसों घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर पूरी तरह सतर्क है और अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं।
राहत सामग्री की तैयारी का भी किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल स्थित राहत पैकेट तैयार करने वाले केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से राहत सामग्री की गुणवत्ता और पैकेट में शामिल सामान की समीक्षा की। राहत पैकेट में चूड़ा, चना, सत्तू, चीनी, मसाले, ओआरएस घोल, माचिस, मोमबत्तियां और अन्य जरूरी सामग्री रखी जा रही है। प्रभावित परिवारों तक इन पैकेटों को समय पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
वायुसेना से मांगी गई मदद
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने भारतीय वायुसेना से सहायता मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक दो वायुसेना हेलीकॉप्टरों की मदद से प्रभावित इलाकों में राहत पैकेट हवाई मार्ग से पहुंचाए जाएंगे। इससे उन क्षेत्रों तक जरूरी सामान पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां बाढ़ के कारण सामान्य आवागमन प्रभावित हुआ है।
गंडक नदी का जलस्तर रिकॉर्ड स्तर से ऊपर
जल संसाधन विभाग के अनुसार गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक नदी का जलस्तर करीब 36 घंटे से उच्चतम बाढ़ स्तर से लगभग 22 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ था। रेवा घाट और वैशाली के लालगंज में भी नदी का जलस्तर करीब 22 सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। इसके चलते गंडक के दोनों तटबंधों पर अत्यधिक दबाव बना हुआ है।
दो स्थानों पर तटबंध टूटने से बढ़ी परेशानी
बाढ़ के बढ़ते दबाव के बीच सारण जिले के पनापुर प्रखंड में बुधवार रात दायां सारण तटबंध टूट गया। इसके अलावा मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड में तिरहुत मुख्य तटबंध के अंतर्गत आने वाला रिंग तटबंध भी क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। इन घटनाओं के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और बचाव कार्य बढ़ा दिए हैं।
गंगा के खतरे के निशान से ऊपर बहने का असर
गंगा नदी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इसके कारण गंडक नदी पर पानी का दबाव और बढ़ गया है। जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक का जलस्तर फिलहाल घटने लगा है, लेकिन यह अभी भी उच्चतम बाढ़ स्तर से ऊपर है। अगले 48 घंटे तक दबाव बने रहने की संभावना जताई गई है।
बागमती और बूढ़ी गंडक का जलस्तर भी बढ़ा
बिहार की कई अन्य नदियों में भी गुरुवार को जलस्तर बढ़ने का रुख दर्ज किया गया। बेनीबाद में बागमती नदी का जलस्तर 50.03 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान से 1.35 मीटर ऊपर था। खगड़िया में बूढ़ी गंडक 36.96 मीटर पर पहुंची, जो खतरे के निशान से 0.38 मीटर अधिक है।
पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ा
पटना के दीघा, गांधी घाट और हथीदह समेत भागलपुर के कहलगांव में गंगा का जलस्तर बढ़ता रहा। गांधी घाट पर पानी 49.67 मीटर दर्ज हुआ, जो खतरे के निशान से 1.07 मीटर ऊपर है। हथीदह में जलस्तर 42.49 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.73 मीटर अधिक था।
कई जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का असर
नदियों के बढ़ते जलस्तर से पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, गोपालगंज, पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सुपौल, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अरवल के निचले इलाकों में बाढ़ का असर देखा गया है। सरकार ने अगले 48 घंटे तक निगरानी और राहत-बचाव अभियान जारी रखने की बात कही है।
Read More : Indranil Sen ED Probe : इंद्रनील सेन की कंपनी से ममता बनर्जी को 30 लाख ट्रांसफर, भुगतान को बताया रॉयल्टी