Hemant Soren : झारखंड हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े एक मामले में बृहस्पतिवार को 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने यह कार्रवाई उस समय की, जब मुख्यमंत्री की ओर से पेश वकील ने मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। अदालत ने कहा कि इस मामले में पहले भी कई बार स्थगन की मांग की जा चुकी है।
ईडी अधिकारियों की याचिका से जुड़ा है मामला
यह पूरा मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की ओर से दायर याचिका से संबंधित है। अधिकारियों ने अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को चुनौती दी है। यह कार्यवाही वर्ष 2024 में दिल्ली स्थित हेमंत सोरेन के आवास पर हुई तलाशी से जुड़े एक प्रकरण के सिलसिले में शुरू हुई थी।
31 जनवरी 2024 को दर्ज हुई थी प्राथमिकी
धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई के बाद हेमंत सोरेन की शिकायत पर 31 जनवरी 2024 को रांची के एससी/एसटी पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत के बाद मामले की जांच शुरू हुई और इसमें ईडी के संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ी।
दिल्ली आवास की तलाशी के बाद बढ़ा विवाद
ईडी ने जनवरी 2024 में दिल्ली में हेमंत सोरेन के आवास की तलाशी ली थी। इस कार्रवाई के बाद सोरेन ने जांच एजेंसी के अधिकारियों पर उन्हें परेशान करने का आरोप लगाया था। उन्होंने यह भी दावा किया था कि उन्हें आदिवासी समुदाय से होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि, इस मामले से जुड़े आरोप और उनके कानूनी प्रभाव न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
ईडी अधिकारियों ने पुलिस नोटिस को दी चुनौती
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद संबंधित ईडी अधिकारियों को पुलिस की ओर से एक नोटिस जारी किया गया था। इस नोटिस में उन्हें मामले के जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया था। ईडी अधिकारियों ने इस नोटिस और अपने खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
चार ईडी अधिकारियों की याचिका पर सुनवाई
इस मामले में ईडी अधिकारियों कपिल राज, देवव्रत झा, अनुपम कुमार और अमन पटेल ने हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने 4 मार्च 2024 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड सरकार को नोटिस जारी किया था। अदालत ने दोनों पक्षों से मामले पर जवाब मांगा था।
पहले ही कठोर कार्रवाई पर लगाई थी रोक
मामले की शुरुआती सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने ईडी अधिकारियों को राहत देते हुए निर्देश दिया था कि सुनवाई पूरी होने तक उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए। अदालत का यह निर्देश याचिका पर आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान लागू रहा।
बार-बार स्थगन मांगने पर अदालत नाराज
बृहस्पतिवार की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से पेश वकील ने एक बार फिर मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया। इस पर अदालत ने कहा कि पहले भी कई अवसरों पर स्थगन की मांग की जा चुकी है। इसके बाद हाईकोर्ट ने 10,000 रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया।
कानूनी सेवा प्राधिकरण को देनी होगी राशि
अदालत ने हेमंत सोरेन को निर्देश दिया कि 10,000 रुपये की जुर्माना राशि झारखंड राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण को जमा कराई जाए। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही मामले की सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है। अब इस प्रकरण पर 2 नवंबर को आगे सुनवाई होगी।
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