Mecca Pact Activated : सऊदी अरब पर यमन के हूती विद्रोहियों के बढ़ते हमलों के बीच तीन देशों के बीच हुआ मक्का पैक्ट अब सक्रिय होने की स्थिति में पहुंच गया है। रियाद में हुई आपात बैठक के बाद पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने संयुक्त रक्षा समझौते को लागू करने पर सहमति जताई है। इसके तहत सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए संयुक्त बलों की त्वरित तैनाती का रास्ता साफ हुआ है।
मक्का-मदीना समेत कई शहरों को निशाना बनाने का आरोप
सऊदी अरब ने हूती विद्रोहियों पर देश के कई महत्वपूर्ण शहरों और इलाकों को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। सऊदी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों के अलावा राजधानी रियाद, अबहा, खमिस मुशैत, जिजान, नजरान, ताइफ और यानबू को भी हमलों का निशाना बनाया गया। इन आरोपों के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
सऊदी जहाजों पर हमले का भी लगाया गया आरोप
सऊदी विदेश मंत्रालय ने दक्षिणी लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में सऊदी जहाजों को निशाना बनाए जाने का भी आरोप लगाया है। मंत्रालय ने कहा कि देश में नागरिकों के साथ-साथ नागरिक और आर्थिक प्रतिष्ठानों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। सऊदी पक्ष ने ऐसे हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें आतंकवादी हमला करार दिया है।
तुर्किये और पाकिस्तान करेंगे सैनिकों की त्वरित तैनाती
नए पारस्परिक रक्षा समझौते के तहत तुर्किये और पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाएंगे। रिपोर्टों के अनुसार, जरूरत पड़ने पर दोनों देश अपने सैनिकों की त्वरित तैनाती कर सकते हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब और व्यापक खाड़ी क्षेत्र में हमलों का खतरा बढ़ने की बात कही जा रही है।
अगस्त में तीनों देशों ने किया था रक्षा समझौता
पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्किये ने अगस्त में मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते का मूल प्रावधान यह है कि यदि तीनों देशों में से किसी एक पर हमला होता है, तो अन्य दो देश उसकी सहायता के लिए आगे आएंगे। इस समझौते से तीनों देशों के बीच सैन्य और सुरक्षा सहयोग को एक औपचारिक ढांचा मिला है।
तीन बड़ी सैन्य शक्तियां एक साथ आईं
मक्का पैक्ट के तहत तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब एक साझा सुरक्षा व्यवस्था में जुड़े हैं। तुर्किये के पास NATO में महत्वपूर्ण सैन्य क्षमता है, जबकि पाकिस्तान इस्लामी दुनिया का एकमात्र परमाणु हथियार संपन्न देश है। वहीं सऊदी अरब खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख राजनीतिक और आर्थिक शक्तियों में शामिल है। ऐसे में समझौते का क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रियाद में हुई आपात बैठक में सुरक्षा पर चर्चा
तीनों देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को सऊदी राजधानी रियाद में आपात बैठक की। बैठक में सऊदी अरब पर हालिया हमलों और विशेष रूप से मक्का-मदीना जैसे पवित्र शहरों को निशाना बनाए जाने के आरोपों पर चर्चा हुई। हालांकि, संयुक्त बयान में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया।
तीनों देशों ने सऊदी सुरक्षा को लेकर दोहराया रुख
संयुक्त बयान में पाकिस्तान, तुर्किये और सऊदी अरब ने सऊदी अरब की सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ किसी भी हमले या धमकी को स्पष्ट रूप से अस्वीकार करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। तीनों देशों ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को लेकर सहयोग जारी रखने का संकेत दिया है।
सऊदी अरब ने सुरक्षा के लिए कदम उठाने की बात कही
सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश को अपने क्षेत्र, प्राकृतिक संसाधनों, संप्रभुता और नागरिकों तथा निवासियों की सुरक्षा करने का अधिकार है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के अधिकार की भी पुष्टि की। ताजा घटनाक्रम के बाद सऊदी अरब की सुरक्षा व्यवस्था और तीनों देशों के सैन्य सहयोग पर नजर बनी हुई है।
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