Horticulture Subsidy 2026 : हरियाणा सरकार किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती पर निर्भरता कम करने के लिए बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दे रही है। इसी उद्देश्य से ‘सब्सिडी प्रावधान फॉर कल्टीवेशन ऑफ हॉर्टिकल्चर क्रॉप्स’ योजना लागू की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को फल, सब्जी, फूल, मसाले और सुगंधित पौधों की खेती के लिए फसल के अनुसार प्रति एकड़ आर्थिक सहायता दी जाएगी। कुछ फलों की खेती में यह सहायता अधिकतम 1.40 लाख रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच सकती है।
फल, सब्जी और फूलों की खेती पर मिलेगा लाभ
सरकार की इस योजना का उद्देश्य किसानों को ऐसी फसलों की ओर आकर्षित करना है, जिनसे खेती से बेहतर आमदनी हासिल की जा सके। इसके अंतर्गत नए फल बाग लगाने के अलावा सब्जियों, फूलों, मसालों और सुगंधित पौधों की खेती करने वाले किसान भी सब्सिडी के लिए पात्र होंगे। इस पहल से राज्य में फसल विविधीकरण को बढ़ावा मिलने और किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिलने की उम्मीद है।
अधिकतम 5 एकड़ तक ले सकेंगे योजना का लाभ
योजना के तहत अलग-अलग फसलों के लिए खेती का क्षेत्र भी निर्धारित किया गया है। नए फल बाग लगाने और मसालों की खेती करने वाले किसान अधिकतम 5 एकड़ तक सहायता का लाभ ले सकते हैं। सब्जियों की खेती के मामले में सामान्य वर्ग के किसानों के लिए अधिकतम 5 एकड़ और अनुसूचित जाति यानी SC किसानों के लिए अधिकतम 1 एकड़ तक सहायता का प्रावधान है। फूल और सुगंधित पौधों की खेती के लिए भी किसान 5 एकड़ तक लाभ ले सकते हैं।
फल बाग लगाने पर 1.40 लाख तक सब्सिडी
नए फल बाग लगाने वाले किसानों के लिए फसल के आधार पर सब्सिडी की राशि अलग-अलग तय की गई है। इसके तहत पात्र किसानों को 24,500 रुपये से लेकर 1.40 लाख रुपये प्रति एकड़ तक आर्थिक सहायता मिल सकती है। सहायता की वास्तविक राशि संबंधित फल फसल और योजना में निर्धारित मानकों के आधार पर तय होगी। इससे किसानों को नए बाग लगाने में आने वाली शुरुआती लागत कम करने में मदद मिल सकती है।
सब्जियों और मसालों पर भी मिलेगी सहायता
सब्जियों की खेती के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़, जबकि SC किसानों को 25,500 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता देने का प्रावधान है। वहीं, मसालों की खेती करने वाले किसानों को फसल के आधार पर 15,000 से 30,000 रुपये प्रति एकड़ तक सब्सिडी मिल सकती है। इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ वैकल्पिक कृषि गतिविधियों को अपनाने में प्रोत्साहन मिलेगा।
फूल और सुगंधित पौधों की खेती को बढ़ावा
फूलों की खेती करने वाले किसानों के लिए योजना के तहत 8,000 से 40,000 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सुगंधित पौधों की खेती पर किसानों को 8,000 रुपये प्रति एकड़ तक आर्थिक मदद मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य इन फसलों के उत्पादन को बढ़ाकर किसानों के लिए खेती के नए और लाभदायक विकल्प तैयार करना है।
सब्सिडी के लिए आधुनिक तकनीक अपनाना जरूरी
योजना का लाभ लेने के लिए केवल बागवानी फसल की खेती करना पर्याप्त नहीं होगा। किसानों को खेती में निर्धारित आधुनिक तकनीकों को भी अपनाना जरूरी होगा। इनमें मल्चिंग, ड्रिप सिंचाई, लो टनल और बांस की स्टेकिंग जैसी तकनीकें शामिल हैं। इन तकनीकों के इस्तेमाल से पानी की बचत, फसल की बेहतर देखभाल और उत्पादन क्षमता बढ़ाने में सहायता मिल सकती है।
बैंक खाते में सीधे भेजी जाएगी सब्सिडी
योजना के तहत स्वीकृत आर्थिक सहायता किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजे जाने का प्रावधान है। प्रत्यक्ष भुगतान व्यवस्था से सब्सिडी वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने में मदद मिलेगी। किसानों को सहायता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन और जरूरी पंजीकरण पूरा करना होगा।
‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ और Hortnet पर रजिस्ट्रेशन
योजना का लाभ लेने के लिए किसान का ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल और Hortnet पर पंजीकरण होना आवश्यक है। आवेदन के दौरान परिवार पहचान पत्र यानी PPP, बैंक खाते से संबंधित जानकारी और जरूरत पड़ने पर SC प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। आवेदन करने से पहले किसानों को अपने नजदीकी बागवानी विभाग से पात्रता, संबंधित फसल, क्षेत्र सीमा और सब्सिडी की ताजा शर्तों की जानकारी जरूर प्राप्त करनी चाहिए।
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