Punjab CBI Raid : पंजाब में मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI की कार्रवाई के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि CBI की टीम ने उनके कैंप ऑफिस पर छापा मारा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट के जरिए इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा।
भगवंत मान ने BJP पर लगाया राजनीतिक कार्रवाई का आरोप
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी ने पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पंजाब सरकार और उन्हें बदनाम करने के लिए ED और CBI जैसी केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। मान ने दावा किया कि पंजाब की जनता से मिल रहे समर्थन और प्यार से भाजपा घबरा गई है।
CM के OSD के घर भी पहुंची CBI टीम
मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस के अलावा CBI की टीम के उनके OSD के आवास पर पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। दरअसल, पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर केंद्रीय जांच एजेंसी की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। इन छापों को लेकर राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI का एक्शन
CBI की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश के अगले ही दिन सामने आई है। 5 अक्टूबर को हाई कोर्ट ने ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामले में CBI जांच का आदेश दिया था। इसके बाद मंगलवार को जांच एजेंसी की टीम मुख्यमंत्री के कैंप ऑफिस पहुंची। सूत्रों के मुताबिक, टीम वहां मौजूद दस्तावेजों और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
ट्रांसफर-पोस्टिंग मामले से जुड़ा है विवाद
मामला सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग के साथ-साथ कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा बताया जा रहा है। इसी मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई प्रस्तावित है। सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप और अधिकारियों की नियुक्तियों से जुड़े आरोपों के कारण यह मामला पहले से ही चर्चा में है।
अकाली दल ने कार्रवाई को बताया बड़ी कार्रवाई
CBI की कार्रवाई पर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे “CBI की बड़ी कार्रवाई” बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के कथित खेल के अंत की शुरुआत हो सकती है। उनके बयान के बाद पंजाब में सियासी बहस और तेज हो गई है।
ED के पत्रों में क्या लगाए गए थे आरोप?
पूरा विवाद प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से पंजाब के DGP को भेजे गए पत्रों से भी जुड़ा है। जानकारी के मुताबिक, ED ने इस मामले में तीन पत्र भेजे थे। इनमें मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के अलावा नितिन गोहल और बीर देविंदर समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए थे। ED ने संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की थी।
OSD पर ट्रांसफर-पोस्टिंग रैकेट का आरोप
ED के आरोपों के मुताबिक, राजबीर सिंह घुम्मन कथित तौर पर IAS और IPS अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े एक नेटवर्क में भूमिका निभा रहे थे। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इस व्यवस्था के जरिए प्रशासनिक नियुक्तियों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। इसके अलावा सरकारी टेंडरों में भी कथित हस्तक्षेप के आरोप लगाए गए हैं।
CBI कार्रवाई के बाद बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
CBI की छापेमारी के बाद पंजाब सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इसे केंद्र की राजनीतिक कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि जांच एजेंसी की कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश के बाद सामने आई है। अब जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों पर सभी की नजर रहेगी।
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