Asian Champions Trophy Hockey : एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी पुरुष हॉकी का अगला संस्करण 27 अक्टूबर से 5 नवंबर तक पंजाब के जालंधर और मोहाली में खेला जाएगा। मेजबान भारत इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एशियाई स्तर पर अपना दबदबा बरकरार रखने के इरादे से उतरेगा। टूर्नामेंट में भारत समेत छह टीमें हिस्सा लेंगी, जिससे मुकाबले के रोमांचक होने की उम्मीद है।
छह टीमों के बीच होगी खिताबी जंग
हॉकी इंडिया की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक टूर्नामेंट में भारत, जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को टूर्नामेंट में शामिल किया गया है। इस बदलाव के बाद प्रतियोगिता में एक बार फिर भारत और अन्य एशियाई टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
करीब दो दशक बाद पंजाब में अंतरराष्ट्रीय हॉकी
इस टूर्नामेंट के जरिए पंजाब में लगभग दो दशक के बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी होगी। जालंधर और मोहाली में मुकाबलों के आयोजन से राज्य के हॉकी प्रशंसकों में भी उत्साह है। पंजाब को देश में हॉकी की मजबूत परंपरा वाले क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां लंबे अंतराल के बाद बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट की मेजबानी हो रही है।
एशियाई खेलों के स्वर्ण के बाद भारत का आत्मविश्वास
भारतीय हॉकी टीम हाल ही में जापान के आइची-नागोया में आयोजित एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर लौटी है। इस स्वर्ण पदक के साथ भारत ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए भी क्वालीफाई किया है। ऐसे में टीम का आत्मविश्वास ऊंचा है और उसकी नजर एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में भी मजबूत प्रदर्शन पर होगी।
भारत चार बार जीत चुका है खिताब
भारत इस टूर्नामेंट में पहले ही चार बार खिताब अपने नाम कर चुका है। अब घरेलू परिस्थितियों में टीम के सामने एक और मजबूत अभियान का लक्ष्य होगा। भारतीय खिलाड़ी एशियाई खेलों में मिली सफलता की लय को आगे बढ़ाते हुए चैम्पियंस ट्रॉफी में भी अपना प्रभाव छोड़ना चाहेंगे।
पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर बदला समीकरण
टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर स्थिति बदल गई। पिछले महीने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मोहाली में प्रतियोगिता के कार्यक्रम की घोषणा के दौरान पाकिस्तान के शामिल होने की जानकारी दी थी। उस समय बांग्लादेश और ओमान को रिजर्व टीमों में रखा गया था। बाद में पाकिस्तान ने भारत में खेलने से इनकार कर दिया।
पाकिस्तान ने तटस्थ स्थान की मांग की थी
पाकिस्तान हॉकी महासंघ ने एशियाई हॉकी महासंघ से टूर्नामेंट को भारत से बाहर किसी तटस्थ स्थान पर आयोजित करने की मांग की थी। इसके बाद प्रतियोगिता में पाकिस्तान की जगह बांग्लादेश को शामिल करने का फैसला सामने आया। इस बदलाव ने टूर्नामेंट की टीम संरचना को बदल दिया है और अब छह टीमों की सूची में बांग्लादेश शामिल है।
भारत-पाकिस्तान हॉकी मुकाबलों पर पुराना असर
मुंबई में 2008 में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय हॉकी श्रृंखलाएं नहीं हुई हैं। पाकिस्तान ने आखिरी बार 2023 में भारत में आयोजित एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। उस प्रतियोगिता में छह टीमों के बीच पाकिस्तान पांचवें स्थान पर रहा था।
हाल के टूर्नामेंटों में भी नहीं दिखा पाकिस्तान
पिछले साल भारत में आयोजित एशिया कप और जूनियर एशिया कप में भी पाकिस्तान की टीम ने हिस्सा नहीं लिया था। भारतीय हॉकी टीम ने आखिरी बार 2006 में पाकिस्तान का दौरा कर वहां श्रृंखला खेली थी। दोनों देशों के बीच खेल संबंधों में लंबे समय से बनी दूरी का असर हॉकी प्रतियोगिताओं पर भी दिखाई देता रहा है।
कोच क्रेग फुल्टोन ने दिया जीत का मंत्र
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टोन ने एशियाई चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले खिलाड़ियों को पिछली उपलब्धि पर ज्यादा निर्भर नहीं रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि एशियाई खेलों का स्वर्ण शानदार उपलब्धि था, लेकिन अब वह अतीत है। टीम को उसी लय और ऊर्जा को बनाए रखते हुए नए टूर्नामेंट पर ध्यान देना होगा।
भारत के सामने खिताब बचाने की चुनौती
घरेलू मैदान पर खेलने वाली भारतीय टीम से प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें रहेंगी। जापान, चीन, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमें भी खिताब की दौड़ में चुनौती पेश करेंगी। 27 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रतियोगिता में भारतीय टीम के प्रदर्शन पर इसलिए खास नजर रहेगी कि एशियाई खेलों की सफलता के बाद वह अपनी निरंतरता कैसे कायम रखती है।
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