Wildlife Conservation : छत्तीसगढ़ में वन्यजीवों की सुरक्षा, घायल जानवरों के उपचार और वनांचल के ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को नवा रायपुर में वन मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की पहली बैठक आयोजित हुई। बैठक में अंबिकापुर के संजय पार्क में आधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने, संरक्षित वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा और गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरणों को स्थानांतरित करने सहित कई प्रस्तावों पर मंजूरी दी गई।
अंबिकापुर के संजय पार्क में बनेगा आधुनिक उपचार केंद्र
बैठक में संजय पार्क, अंबिकापुर में अत्याधुनिक वन्यजीव ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस केंद्र का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष और सड़क दुर्घटनाओं जैसी घटनाओं में घायल होने वाले वन्यप्राणियों को समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। यहां वन्यजीवों के बचाव, प्राथमिक उपचार और अल्पकालिक देखरेख की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे घायल जानवरों को शुरुआती उपचार देने और उनकी स्थिति के अनुसार आगे की देखभाल की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।
वन क्षेत्रों की 18 ग्रामीण सड़कों के उन्नयन की अनुशंसा
वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों तक जरूरी सेवाएं पहुंचाने के लिए 18 सड़कों के उन्नयन का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने की अनुशंसा की गई। इनमें पीएम जनमन योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत भोरमदेव अभयारण्य क्षेत्र की तीन, इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र की 14 और जशपुर के बादलखोल अभयारण्य क्षेत्र की एक सड़क शामिल है। सड़कों के बेहतर होने से विशेष पिछड़ी जनजातियों, बैगा समुदाय और अन्य ग्रामीण आबादी को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आपातकालीन सहायता तक पहुंचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली बनेगी ऑरेंज ओकलीफ?
बैठक में जनभागीदारी के आधार पर चयनित ‘ऑरेंज ओकलीफ’ को छत्तीसगढ़ की पहली राजकीय तितली घोषित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। समिति ने प्रस्ताव का परीक्षण पूरा होने के बाद आगे की कार्यवाही करने की मंजूरी दी। यह निर्णय तितलियों के संरक्षण और राज्य की जैव विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इसे अंतिम घोषणा के बजाय आगे की प्रक्रिया के लिए मिली मंजूरी के रूप में समझना चाहिए।
गोमर्डा अभयारण्य में स्थानांतरित होंगे 50 काले हिरण
बारनवापारा अभयारण्य में काले हिरणों के संरक्षण के अनुभव के बाद अब गोमर्डा अभयारण्य में 50 काले हिरणों को स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इस कदम का उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण को आगे बढ़ाना और अभयारण्य में काले हिरणों की मौजूदगी को मजबूत करना है। स्थानांतरण की प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उपयुक्त आवास और आवश्यक प्रबंधन महत्वपूर्ण होंगे।
फसल मुआवजे और पक्के मकानों पर भी चर्चा
समिति ने हाथियों और अन्य वन्यजीवों से फसलों को होने वाले नुकसान के मुआवजे की दरों को अद्यतन करने के प्रस्ताव पर आगे विचार करने का निर्णय लिया। इसके लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिलावार और फसलवार बीमित राशि को आधार बनाने की बात कही गई। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में कच्चे मकानों को पक्का बनाने के लिए विशेष मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रस्ताव को उच्चस्तरीय बैठक में विचारार्थ रखने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, गोमती साय और चैतराम अटामी सहित वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सचिव अमरनाथ प्रसाद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं मुख्य वन्यप्राणी अभिरक्षक ओ.पी. यादव और समिति के सदस्य तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण के साथ वनांचल के ग्रामीणों की सुविधाएं बढ़ाने, मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और घायल वन्यप्राणियों को शीघ्र उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
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