CJP Leaders in Tihar Jail: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद तिहाड़ जेल में रखा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सौरव दास को जेल नंबर 2 और आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में रखा गया है। बुधवार को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट (SEM) ने दोनों नेताओं को पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए नेता
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर 2026 को सौरव दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और CJP के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर एक निजी परिसर से अनधिकृत प्रवेश करते हुए जंतर-मंतर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित नहीं किया गया था। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, लेकिन कथित तौर पर उनके सरकारी काम में बाधा डाली गई। इसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस ने दर्ज की दो FIR, कानून उल्लंघन का आरोप
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कनॉट प्लेस थाने में FIR संख्या 289/26 और संसद मार्ग थाने में FIR संख्या 128/26 दर्ज होने की जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दोनों मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराएं लगाई गई हैं। अधिकारियों का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। हालांकि, पुलिस के आरोपों और प्रदर्शनकारियों के पक्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।
पुलिस ने शांति भंग की आशंका जताई
पुलिस के अनुसार, सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को निवारक कार्रवाई के तहत गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने कथित तौर पर सार्वजनिक शांति भंग करने और सोशल मीडिया के जरिए अन्य लोगों को ऐसी गतिविधियों में शामिल होने के लिए उकसाने की आशंका भी जताई। तीनों को विशेष कार्यपालक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 170 के तहत कार्यवाही शुरू की गई।
सौरव दास और आशुतोष रांका पांच दिन की न्यायिक हिरासत में
मामले पर विचार करने के बाद SEM अदालत ने सौरव दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पुलिस की रिपोर्ट में कानून के कथित बार-बार उल्लंघन का हवाला दिया गया। अदालत ने आशंका जताई कि रिहाई के बाद वे दोबारा कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। दूसरी ओर, इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक विवाद भी गहरा गया है।
अजिंक्य शिंदे को 5,000 रुपये का निजी मुचलका
अजिंक्य शिंदे को सौरव दास और आशुतोष रांका से अलग राहत मिली। उन्हें 5,000 रुपये के निजी मुचलके और जमानतदार के साथ छह महीने तक शांति बनाए रखने तथा अच्छे आचरण की शर्त पर पाबंद किया गया। इस तरह तीनों नेताओं के मामलों में अदालत ने अलग-अलग आदेश दिए।
राहुल गांधी ने सरकार पर साधा निशाना
CJP नेताओं की हिरासत को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से तिरंगा लहराना अपराध नहीं है और इसके लिए युवाओं को जेल भेजना सरकार की कायरता दर्शाता है। राहुल ने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन के लोग अलग-अलग मंचों से अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर देश के लोगों का है और उसे वापस लेने की लड़ाई जारी रहेगी।