Starlink Ukraine Controversy : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के दौरान सैटेलाइट इंटरनेट सेवा Starlink की कनेक्टिविटी को लेकर नया विवाद सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूक्रेन में Starlink और अमेरिकी सरकार के नियंत्रण वाले सैन्य संचार सिस्टम Starshield पर लगी कथित पाबंदियों को लेकर अमेरिकी सांसदों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि जब यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमले हो रहे हैं, उस समय संचार सेवाओं में बाधा सैन्य अभियानों और नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। इस घटनाक्रम ने युद्ध के दौरान निजी टेक्नोलॉजी कंपनियों की भूमिका और उनके फैसलों के प्रभाव पर बहस तेज कर दी है।
अमेरिकी सांसदों ने उठाए सवाल
अमेरिकी कांग्रेस की हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के डेमोक्रेट सदस्यों ने कथित प्रतिबंधों की आलोचना की। सांसदों ने सवाल उठाया कि यूक्रेन को हमलों की जानकारी पहले से क्यों नहीं दी गई और संचार सेवाओं पर सीमाओं का असर किस तरह पड़ा। अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने भी मामले पर चिंता जताते हुए कहा कि किसी एक निजी कंपनी के पास युद्ध के दौरान संचार व्यवस्था को अपनी इच्छा से बंद करने की क्षमता होना खतरनाक मिसाल बन सकती है। उन्होंने इस मामले में जवाबदेही और स्पष्टता की मांग की। हालांकि, इन आरोपों और घटनाक्रम के सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
यूक्रेन ने कनेक्टिविटी बहाल करने की बात कही
यूक्रेन के पूर्व रक्षा मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि Starlink की कनेक्टिविटी बहाल की जा रही है। उन्होंने यूक्रेन की रक्षा व्यवस्था के लिए Starshield पर लगी स्पीड लिमिट पूरी तरह हटाने की जरूरत भी बताई और एलन मस्क को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। इस बयान के बाद दोनों प्रणालियों के इस्तेमाल और नियंत्रण को लेकर चर्चा और बढ़ गई। यूक्रेन के लिए सैटेलाइट संचार युद्ध के दौरान सैन्य इकाइयों, लॉजिस्टिक्स और अन्य जरूरी गतिविधियों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
मस्क ने Starlink और Starshield में अंतर बताया
एलन मस्क ने जवाब देते हुए Starlink और Starshield के बीच अंतर स्पष्ट किया। उनके अनुसार, Starshield अमेरिकी सरकार के स्वामित्व और नियंत्रण वाला सिस्टम है। उसकी गति और उपयोग से संबंधित सीमाएं अमेरिकी सेना और अंततः राष्ट्रपति तय करते हैं। दूसरी ओर, Starlink SpaceX की व्यावसायिक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा है। मस्क ने कहा कि व्यावसायिक सेवा का आक्रामक सैन्य कार्रवाई के लिए इस्तेमाल उचित नहीं होगा। उनके इस बयान ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि युद्ध के समय निजी कंपनियों की तकनीक का इस्तेमाल किन शर्तों पर होना चाहिए और उसके संचालन पर अंतिम निर्णय किसका होना चाहिए।
जेलेंस्की ने सैन्य अभियानों पर असर का दावा किया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ब्रिटिश प्रसारक पियर्स मॉर्गन के कार्यक्रम में दावा किया कि रात करीब एक बजे Starlink ब्लॉक होने से यूक्रेन के सैन्य अभियानों पर असर पड़ा। उनके मुताबिक, कनेक्टिविटी बाधित होने से इंटरसेप्टर सिस्टम के संचालन में दिक्कत आई और लोगों की जान बचाने की कोशिशें प्रभावित हुईं। जेलेंस्की ने इसे बड़ी गलती बताते हुए आशंका जताई कि रूसी हमले जारी रहने की स्थिति में संचार सेवाओं की अनुपलब्धता और नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, CNN की रिपोर्ट के अनुसार, दो अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि Starshield तक यूक्रेन की पहुंच सीमित करने का फैसला अमेरिका के उच्चतम स्तर पर लिया गया नीतिगत निर्णय नहीं था।
भारत में Starlink को लेकर क्या हैं सवाल?
यूक्रेन का यह विवाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं के नियमन पर भी ध्यान खींचता है। भारत में Starlink को लाइसेंस देने की प्रक्रिया के बीच संचार मंत्रालय पहले कह चुका है कि देश का सैटेलाइट संचार नियामक ढांचा निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण है। यह बयान मस्क के उन आरोपों के बाद आया था, जिनमें उन्होंने कहा था कि कुछ हित समूह भारत में Starlink की योजनाओं में बाधा डाल रहे हैं। यूक्रेन का घटनाक्रम भारत के लिए तकनीकी निर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा, सेवा की निरंतरता और नियामकीय जवाबदेही जैसे पहलुओं पर विचार करने का अवसर है। हालांकि, यूक्रेन की स्थिति और भारत की नियामकीय व्यवस्था अलग हैं, इसलिए दोनों को समान मानना उचित नहीं होगा।
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