Rahul Gandhi Podcast: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अपने हाल ही में शुरू किए गए पॉडकास्ट में राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों को आगे बढ़ाने और उनमें सवाल पूछने की क्षमता विकसित करने के बजाय उन्हें ‘अंधभक्त’ बनाना चाहती है। उन्होंने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ रैली का उल्लेख करते हुए बताया कि छात्र हितों, शिक्षा की गुणवत्ता और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना क्यों जरूरी है।
छात्रों के सवालों से असहज होती है व्यवस्था: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने पॉडकास्ट में कहा कि पिछले एक महीने के दौरान उनका काम उन्हें हॉस्टलों, गांवों और देश की विभिन्न राजधानियों तक ले गया। उन्होंने बताया कि इस एपिसोड में वह अपने हालिया कार्यक्रमों और छात्रों से मुलाकात के दौरान सामने आए मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इंदौर में छात्रों की रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि RSS और BJP के नेतृत्व में देश की संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है। राहुल के मुताबिक, व्यवस्था को ऐसे छात्र नहीं चाहिए जो सवाल पूछें और गलतियों पर जवाब मांगें, बल्कि वह ऐसे लोगों को प्राथमिकता देती है जो बिना सवाल किए हर बात स्वीकार कर लें।
शिक्षा बजट, हॉस्टल और परीक्षाओं में देरी पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कई समस्याओं को उठाते हुए सत्यनिकेतन की त्रासदी, शिक्षा बजट में कटौती, छात्रावासों की कमी, परीक्षाओं में देरी और नियुक्तियों के लंबित रहने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं के अभाव को भी छात्रों के सामने आने वाली बड़ी चुनौती बताया। राहुल गांधी के अनुसार, शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं है, बल्कि युवाओं को स्वतंत्र रूप से सोचने, सवाल पूछने और बेहतर भविष्य बनाने का अवसर देती है। ऐसे में शिक्षा संस्थानों की स्थिति, छात्रों की सुविधाओं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
महाराष्ट्र के आदिवासी छात्रों के मुद्दे पर फडणवीस को पत्र
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र के नासिक में भूख हड़ताल कर रहे आदिवासी छात्रों से मुलाकात का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि छात्र हॉस्टल से संबंधित नियमों और परिस्थितियों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। इस मामले को लेकर उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा था। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पत्र के तुरंत बाद हॉस्टल में प्रवेश से संबंधित आयु सीमा वापस ले ली गई। उन्होंने इस घटनाक्रम को छात्रों की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत से जोड़ते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मांगों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
MPSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं का भी उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने महाराष्ट्र में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन देने की बात भी कही। उनके मुताबिक, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय पर नियुक्तियां युवाओं के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। परीक्षाओं में देरी या अनियमितताओं से अभ्यर्थियों की तैयारी, आर्थिक स्थिति और करियर प्रभावित हो सकता है। उन्होंने छात्रों की समस्याओं को व्यापक शिक्षा और रोजगार व्यवस्था से जोड़कर देखने की जरूरत बताई।
OBC आरक्षण और वोट चोरी के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का भी उल्लेख किया। इसके अलावा, उन्होंने लोगों से वोट चोरी के आरोपों पर अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस देखने की अपील की। उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए उन्हें सरकारी गवाह बनने की बात कही। इन मुद्दों के जरिए राहुल गांधी ने शिक्षा, सामाजिक न्याय और चुनावी प्रक्रिया को लेकर अपनी राजनीतिक चिंताओं को सामने रखा। हालांकि, उनके आरोपों और दावों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया इस खबर में उपलब्ध नहीं है।