Chhattisgarh Rain Warning : मानसून की विदाई भले ही शुरू हो गई हो, लेकिन सितंबर के आखिरी हफ्ते में देश के कई राज्यों में एक और दौर की भारी बारिश दस्तक देने जा रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में बन रहे निम्न दबाव वाले क्षेत्र को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। इसका असर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश तक देखने को मिलेगा।

बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ नया सिस्टम
IMD के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी में एक और डिप्रेशन (निम्न दबाव क्षेत्र) बनने की संभावना है। यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ते हुए छत्तीसगढ़, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी वर्षा का कारण बनेगा। इसके बाद यह सिस्टम बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी वर्षा की गतिविधियों को पुनर्जीवित करेगा।

कहाँ-कहाँ अलर्ट?
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छत्तीसगढ़, ओडिशा, आंध्र प्रदेश: 25-27 सितंबर तक भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना।
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बिहार, झारखंड, पूर्वी यूपी: 26 सितंबर के बाद बारिश लौटेगी।
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दिल्ली, हरियाणा, पंजाब: मानसून की पूर्ण विदाई तय; मौसम शुष्क रहेगा।
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उत्तराखंड: हल्की बारिश जारी रहेगी, लेकिन बड़ी गतिविधियों की संभावना नहीं।
खरीफ फसलों पर खतरा
सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश खरीफ फसलों के लिए चिंता का विषय बन सकती है। धान, मक्का और दालों की कटाई से पहले यदि अधिक वर्षा हुई तो जलभराव और फंगल रोगों का खतरा बढ़ जाएगा। खासकर उन क्षेत्रों में जहां फसलें पकने की स्थिति में हैं, वहां बारिश से भारी नुकसान संभव है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम शुष्क
उत्तर-पश्चिम भारत के हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में मानसून की विदाई की परिस्थितियां बन रही हैं। यहां अब सामान्य से कम नमी रह गई है, जिससे वर्षा की गतिविधियां बेहद सीमित रहेंगी। हालांकि उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में हल्की फुहारें जारी रह सकती हैं।
वर्षा का राष्ट्रीय आंकड़ा
17 सितंबर 2025 तक देशभर में औसतन 8% अधिक वर्षा दर्ज की गई है। हालांकि क्षेत्रीय असंतुलन साफ दिख रहा है:
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उत्तराखंड: सामान्य से 22% अधिक (1,299 मिमी)
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बिहार: 2% अधिक (1,029 मिमी)
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उत्तर प्रदेश: 4% कम (695.6 मिमी)
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पंजाब, हरियाणा, हिमाचल: 30–40% अधिक
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पूर्वोत्तर भारत: 18% कम वर्षा
बंगाल की खाड़ी से उठ रहे नए दबाव क्षेत्र ने सितंबर के अंतिम सप्ताह को एक बार फिर मौसम के लिहाज़ से सक्रिय बना दिया है। आने वाले दिनों में पूर्व और मध्य भारत के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। किसान, स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।










