Bihar Congress Meeting: आज़ादी के बाद पहली बार 24 सितंबर 2025 को बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक होने जा रही है। यह बैठक न केवल ऐतिहासिक है, बल्कि कांग्रेस की रणनीतिक दिशा और राहुल गांधी को “जननायक” के रूप में स्थापित करने की महत्वपूर्ण पहल भी मानी जा रही है। गौरतलब है कि बिहार में इससे पहले कांग्रेस का अधिवेशन 1912 में पटना और 1922 में गया में हुआ था। अब एक सदी बाद फिर से कांग्रेस ने बिहार की धरती को राजनीतिक आंदोलन का केंद्र चुना है। इस बार की CWC बैठक न केवल संगठनात्मक समीक्षा का मंच बनेगी, बल्कि यह बैठक केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ “दूसरी आज़ादी की लड़ाई” की शुरुआत का शंखनाद भी मानी जा रही है। क्यों खास है पटना की बैठक? बैठक में कांग्रेस कार्यसमिति के सभी सदस्य, राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, विधायक दल के नेता, फ्रंटल संगठनों के प्रमुख, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में “लोकतंत्र खतरे में”, “दूसरी क्रांति” और “वोट चोरी” जैसे प्रस्ताव पारित किए जा सकते हैं। इस बैठक को राहुल गांधी की हाल ही में बिहार में निकाली गई “वोटर अधिकार यात्रा” से जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक चेतना जागृत करने वाला कदम बता रही है। राहुल गांधी को जननायक बनाने की रणनीति CWC बैठक के ज़रिए कांग्रेस नेतृत्व अब राहुल गांधी को केवल विपक्षी नेता नहीं, बल्कि जनता के अधिकारों के रक्षक और जननायक की छवि में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है। बिहार, जहां से कभी जेपी आंदोलन की शुरुआत हुई थी, अब राहुल गांधी के लिए राजनीतिक पुनर्जन्म की ज़मीन बन सकती है। वोट चोरी पर सीधा हमला AICC के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा, “वोट चोरी का पर्दाफाश हो चुका है। प्रधानमंत्री मोदी उस छात्र की तरह हैं जो मेहनत से नहीं, बल्कि नकल से नंबर लाते हैं। अब जनता समझ चुकी है कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रही है, जिससे लोकतंत्र की नींव हिल रही है। कांग्रेस की नई पिच: दूसरी आज़ादी की लड़ाई बैठक में सदाकत आश्रम को फिर से “दूसरी आज़ादी की लड़ाई” का प्रतीक बनाने की योजना है। यह वही स्थान है जहां स्वतंत्रता संग्राम के समय कांग्रेस की गतिविधियां केंद्रित थीं। अब पार्टी इस ऐतिहासिक जगह को वोट अधिकार आंदोलन और लोकतंत्र बचाओ मुहिम का नया आधार बनाना चाहती है। बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक महज एक संगठनात्मक आयोजन नहीं, बल्कि पार्टी की राजनीतिक पुनर्स्थापना और राहुल गांधी को जननेता के रूप में प्रोजेक्ट करने की बड़ी रणनीति का हिस्सा है। यह बैठक भाजपा के खिलाफ एक वैचारिक और जनांदोलन की शुरुआत हो सकती है, जिसकी गूंज आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सुनाई दे सकती है। Read More : Barren Island Volcano: भारत के इकलौते सक्रिय ज्वालामुखी बेरन आइलैंड में 8 दिन में दो विस्फोट, वैज्ञानिक सतर्क
















