छत्तीसगढ़

Barnawapara Tiger: बारनवापारा में बाघ की दस्तक, क्या यह किसी खतरे का संकेत है? अलर्ट जारी!

Barnawapara Tiger: छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले स्थित प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। अभ्यारण्य में एक बार फिर बाघ (Tiger) की मौजूदगी दर्ज की गई है। वन विकास निगम क्षेत्र में बाघ के पगमार्क और मूवमेंट के संकेत मिलने के बाद वन विभाग सतर्क हो गया है। अधिकारियों ने तुरंत सर्च ऑपरेशन तेज करते हुए इलाके में गश्त और कैमरा ट्रैप निगरानी बढ़ा दी है।

पड़ोसी राज्य से पहुंचा बाघ

जानकारी के अनुसार, बाघ संभवतः पड़ोसी राज्य के जंगलों से बारनवापारा क्षेत्र में पहुंचा है। बलौदा बाजार और महासमुंद जिले की सीमा से लगे वन क्षेत्र में उसके पैरों के निशान स्पष्ट रूप से देखे गए हैं। विभाग ने बताया कि फिलहाल बाघ की सुरक्षा और मूवमेंट मॉनिटरिंग प्राथमिकता पर है।

ग्रामीणों और पर्यटकों की आवाजाही पर रोक

बाघ की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने स्थानीय ग्रामीणों को जंगल की सीमा में प्रवेश करने से मना किया है। पर्यटकों के लिए कुछ ट्रेल्स और सफारी रूट पर अस्थायी रोक लगाई गई है। अधिकारियों का मानना है कि इससे बाघ को शांत और सुरक्षित माहौल मिलेगा, जिससे मानव-वन्यजीव टकराव की संभावना कम होगी।

पिछले साल भी आया था बाघ

गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी क्षेत्र में एक बाघ देखा गया था, जिसे बाद में ट्रेंकुलाइज कर गुरु घासीदास–तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व स्थानांतरित किया गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि बारनवापारा का घना जंगल और शिकार प्रजातियों की अच्छी संख्या इसे बाघों के लिए उपयुक्त आवास बना रही है।

हाथियों की मौजूदगी से बढ़ी चुनौती

फिलहाल इसी क्षेत्र में 28 हाथियों का दल भी सक्रिय है, जिससे वन विभाग की चुनौतियाँ दोगुनी हो गई हैं। हाल ही में हाथियों ने हरदी गांव में एक व्यक्ति की जान ले ली थी और तीन हाथी कुएं में गिर गए थे, जिन्हें बचाने के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था। कुछ दिन पहले हाथियों ने अभ्यारण्य के अधीक्षक की गाड़ी को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

संरक्षण के दृष्टिकोण से शुभ संकेत

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारनवापारा में बाघ की वापसी वन्यजीव संरक्षण के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि इस क्षेत्र का पारिस्थितिक तंत्र बाघों के लिए अनुकूल हो रहा है। अधिकारियों ने बताया कि पूरे इलाके में चौकसी बढ़ाई गई है और लोगों से अपील की गई है कि किसी भी वन्य गतिविधि या मूवमेंट की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

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