Ganesh Visarjan Death : छत्तीसगढ़ में गणेश उत्सव की समाप्ति पर पूरे राज्य में धूमधाम से प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। राजधानी रायपुर से लेकर भिलाई, बलरामपुर और मनेंद्रगढ़ तक उत्साह, भक्ति और सांप्रदायिक सौहार्द का अद्भुत नज़ारा देखने को मिला। वहीं बलरामपुर से एक दुखद घटना सामने आई, जिसने जश्न के माहौल को गम में बदल दिया।



बलरामपुर में DJ पर नाचते-नाचते बच्चे की मौत

राजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गणेश विसर्जन के दौरान एक नाबालिग बच्चा DJ की धुन पर नाचते समय अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। परिजनों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक आशंका हार्ट अटैक की जताई जा रही है, जिसकी वजह DJ की तेज आवाज मानी जा रही है। वहीं, अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और स्टाफ के कथित दुर्व्यवहार को लेकर स्थानीय लोगों ने जमकर हंगामा किया।

रायपुर में धूमधाम से गणपति बप्पा को दी विदाई

रायपुर में नगर निगम ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए थे। छोटी-बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए अलग-अलग तालाबों और अस्थायी कुंडों की व्यवस्था की गई। महादेव घाट में केवल बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
बुढ़ापारा इलाके में “राउत नाचा” की थीम पर पारंपरिक ढोल, मंजीरे और गीतों के साथ विसर्जन शोभायात्रा निकाली गई। वहीं, कालीबाड़ी चौक में फिल्मी गानों की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। महिलाओं और युवाओं ने विशेष रूप से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

भिलाई में देशभक्ति की झलक
भिलाई में विसर्जन के दौरान कलाकारों ने देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। तिरंगे के साथ गणेश प्रतिमा की शोभायात्रा निकाली गई, जिससे देशप्रेम का संदेश भी दिया गया।

मनेंद्रगढ़ में सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
मनेंद्रगढ़ में विसर्जन के दौरान हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल देखने को मिली। मुस्लिम युवकों ने न केवल गणेश रथ खींचने में सहयोग दिया, बल्कि हिंदू युवकों के साथ मिलकर DJ पर नृत्य भी किया। यह दृश्य भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक बन गया।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
रायपुर शहर में सुरक्षा के मद्देनज़र 800 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। ड्रोन कैमरों से भीड़ पर निगरानी रखी जा रही थी। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर रात 8 बजे के बाद ट्रैफिक को पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
जहां एक ओर छत्तीसगढ़ में गणेश विसर्जन उल्लास, रंग और एकता का प्रतीक बना, वहीं बलरामपुर की घटना ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं। भविष्य में ऐसे आयोजनों में अधिक सतर्कता और चिकित्सा सुविधाओं की बेहतर व्यवस्था जरूरी है।










