Ambikapur News : सरगुजा जिले के शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के दौरान भारी अनियमितता और स्वेच्छाचारिता का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (अल्पसंख्यक विभाग) के प्रदेश महासचिव परवेज आलम गांधी ने संभागीय संयुक्त संचालक, लोक शिक्षण सरगुजा को पत्र लिखकर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा और सहायक ग्रेड-02 बृजकिशोर तिवारी को जांच पूरी होने तक अन्यत्र पदस्थ करने की मांग की है।

कांग्रेस नेता का आरोप है कि तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी रहे अशोक कुमार सिन्हा, जो वर्तमान में सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक लोक शिक्षण विभाग में पदस्थ हैं, उनके कार्यकाल में युक्तियुक्तकरण में गंभीर गड़बड़ियां हुईं। इसी दौरान कार्यालय के सहायक ग्रेड-02 बृजकिशोर तिवारी को भी संदेहास्पद भूमिका में देखा गया। परवेज आलम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि तिवारी को महज़ पाँच दिनों के लिए निलंबित किया गया था, लेकिन बिना किसी आरोप पत्र और जांच के वापस उसी कार्यालय और उसी शाखा में पदस्थ कर दिया गया।

पत्र में यह भी आशंका व्यक्त की गई है कि जांच से संबंधित दस्तावेजों में कुटरचना या छेड़छाड़ की जा सकती है, क्योंकि तिवारी उसी शाखा में कार्यरत हैं और उन पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार फर्जीवाड़ा करने का आरोप पहले भी लग चुका है। कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग का कहना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच पूरी होने तक सरगुजा जिले से हटाना आवश्यक है।
गौरतलब है कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं पर पहले भी शिक्षकों और संगठनों ने सवाल उठाए हैं। अब राजनीतिक स्तर पर भी इस मुद्दे ने जोर पकड़ लिया है। कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि इस मामले में कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो जाएंगे।फिलहाल विभागीय स्तर पर जांच जारी है।










