प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों से मुलाकात के दौरान उन्हें संसदीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक माहौल को समझने की सलाह दी। बैठक के दौरान उन्होंने लुटियन दिल्ली में सतर्क और संयमित रहने पर भी जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए के नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों से मुलाकात के दौरान उन्हें संसदीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ दिल्ली के राजनीतिक माहौल को समझने की सलाह दी। बैठक के दौरान उन्होंने लुटियन दिल्ली में सतर्क और संयमित रहने पर भी जोर दिया।

PM Modi to NDA MPs: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 5 अगस्त को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के हाल ही में निर्वाचित राज्यसभा सांसदों से मुलाकात की। यह बैठक सुबह नाश्ते के दौरान आयोजित की गई, जिसमें प्रधानमंत्री ने नए सांसदों के साथ अनौपचारिक माहौल में विस्तार से बातचीत की। इस मुलाकात का उद्देश्य नए सांसदों का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली, जिम्मेदारियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में मार्गदर्शन देना था। बैठक में प्रधानमंत्री ने सांसदों को लोकतांत्रिक मूल्यों और संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए सक्रिय भूमिका निभाने की सलाह दी।


सूत्रों के अनुसार इस बैठक में करीब 36 राज्यसभा सांसद शामिल हुए, जिनमें 25 से अधिक हाल ही में निर्वाचित सदस्य थे। कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी मौजूद रहे। इसके अलावा हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और उनके राजनीतिक अनुभवों के बारे में भी जानकारी ली।

बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नए सांसदों को संसद में अधिक समय देने और सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सांसदों को केवल अपनी बात रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि सदन की चर्चाओं को ध्यान से सुनना और विभिन्न विषयों की जानकारी हासिल करना भी जरूरी है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है और यहां प्रत्येक सदस्य की भूमिका बेहद अहम होती है।
प्रधानमंत्री ने सांसदों को सलाह दी कि वे केवल अपनी पार्टी के नेताओं से ही नहीं, बल्कि विपक्ष के अनुभवी सांसदों से भी सीखने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं को मजबूत बनाने के लिए सभी दलों के सदस्यों के साथ सकारात्मक संवाद बनाए रखना आवश्यक है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विचारों का आदान-प्रदान और सहयोग की भावना ही संसद की गरिमा को मजबूत करती है। इसलिए नए सांसदों को सभी के साथ मिलकर काम करने की आदत विकसित करनी चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने नए सांसदों को दिल्ली में रहते हुए विशेष सतर्कता बरतने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि राजधानी का राजनीतिक माहौल काफी जटिल होता है और विशेष रूप से लुटियंस जोन में रहकर हर कदम सोच-समझकर उठाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर सांसदों से कहा कि दिल्ली में कई तरह के प्रभाव और राजनीतिक समीकरण काम करते हैं, इसलिए किसी भी प्रकार के भ्रम या अनावश्यक विवाद से बचना जरूरी है। उन्होंने सांसदों को “मकड़जाल” से बचकर रहने और सजग रहने की सीख भी दी।

प्रधानमंत्री ने नए सांसदों से यह भी कहा कि वे इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वे किन लोगों से मिल रहे हैं और किस स्थान पर मुलाकात कर रहे हैं। सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और सतर्कता को उन्होंने बेहद महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना था कि सांसदों का प्रत्येक कदम जनता और मीडिया की नजर में रहता है, इसलिए व्यवहार और निर्णय दोनों में सावधानी बरतना आवश्यक है।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने बुधवार को राज्यसभा के नए सांसदों से मुलाकात की, जबकि अगले दिन वह लोकसभा के नवनिर्वाचित सांसदों से भी इसी तरह संवाद करेंगे। माना जा रहा है कि इन बैठकों का उद्देश्य नए जनप्रतिनिधियों को संसदीय कार्य, लोकतांत्रिक परंपराओं और जनसेवा की जिम्मेदारियों के प्रति प्रेरित करना है, ताकि वे सदन में प्रभावी और जिम्मेदार भूमिका निभा सकें।
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