Ambikapur Municipal Budget
Ambikapur Municipal Budget : अंबिकापुर नगर निगम की सामान्य सभा में शुक्रवार को महापौर मंजूषा भगत ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 5.79 अरब रुपए का बजट पेश किया। इस बजट में शहर के बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। बजट के केंद्र में 100 करोड़ की लागत से गोल बाजार का पुनर्विकास, जिला अस्पताल के पास अंडरग्राउंड ब्रिज और खेल सुविधाओं का विस्तार शामिल है। महापौर ने विश्वास जताया कि यह बजट अंबिकापुर को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करेगा और नागरिकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा।
बजट पेश होने के तुरंत बाद नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने प्रक्रियात्मक खामियों पर सत्ता पक्ष को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का प्रारूप नियमानुसार काफी पहले तैयार हो जाना चाहिए था ताकि पार्षदों को इसे पढ़ने और समझने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा, “मात्र 15 मिनट का समय देकर पार्षदों के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया है।” विपक्ष ने मांग की कि 31 मार्च की समय सीमा का पालन करते हुए भविष्य में बजट को अधिनियम के प्रावधानों के तहत ही पेश किया जाए, अन्यथा यह केवल एक औपचारिक दस्तावेज बनकर रह जाएगा।
समान्य सभा में शहर के जल स्रोतों के संरक्षण का मुद्दा भी गरमाया रहा। सत्ता पक्ष के पार्षद आलोक दुबे और अशोक सोनवानी ने बताया कि शहर के 19 प्रमुख तालाबों का रकबा भू-माफियाओं के अतिक्रमण के कारण लगातार घट रहा है। एमआईसी सदस्य मनीष सिंह ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए तालाबों के तत्काल सीमांकन की मांग की। सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन को सीमांकन हेतु पत्र लिखने और अतिक्रमणकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।
शहर में हाल ही में हुए भीषण अग्निकांड और रिहायशी इलाकों में विस्फोटक सामग्री के भंडारण पर पार्षदों ने निगम प्रशासन को आड़े हाथों लिया। यह खुलासा होने पर कि निगम के पास विस्फोटक लाइसेंस धारकों की कोई सूची नहीं है, सदन में काफी हंगामा हुआ। सभापति ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है, जिसमें सत्ता पक्ष के 4 और विपक्ष के 3 पार्षद शामिल हैं। इस कमेटी को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। साथ ही, अवैध रूप से जारी लाइसेंसों को तत्काल निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
बजट में शहर के सौंदर्यीकरण और जन सुविधाओं के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं:
गोल बाजार विकास: 100 करोड़ रुपए का निवेश।
स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर: 30 करोड़ का नया स्टेडियम, 8 करोड़ का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 10 करोड़ का नया स्विमिंग पूल।
सामुदायिक सुविधाएं: 25 करोड़ की लागत से सामुदायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण।
यातायात सुधार: जिला अस्पताल के समीप अंडरग्राउंड ब्रिज का निर्माण।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत बन रहे मकानों में देरी और आवंटन की जटिल प्रक्रिया पर भी सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। पार्षदों ने मांग की कि हितग्राहियों को जल्द से जल्द गृह प्रवेश कराया जाए ताकि उनका अपने घर का सपना साकार हो सके।
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