Rare Snake
Rare Snake : भारत के जैव विविधता के खजाने में एक और अनमोल रत्न जुड़ गया है। उत्तर-पूर्वी राज्य मेघालय के घने जंगलों में वैज्ञानिकों ने सांप की एक बेहद दुर्लभ और नई प्रजाति का पता लगाया है। इस सांप की सबसे चौंकाने वाली खूबी इसकी बिल खोदने की क्षमता है। ‘रीड स्नेक’ (Read Snake) परिवार से ताल्लुक रखने वाला यह जीव खतरे का आभास होते ही पलक झपकते ही जमीन के अंदर बिल खोदकर गायब हो जाता है। मेघालय के गारो हिल्स में पाए जाने के कारण इस नई प्रजाति का वैज्ञानिक नाम ‘कैलामरिया गारोएन्सिस’ (Calamaria Garoensis) रखा गया है।
इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि ने न केवल रिसर्च जगत, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी सुर्खियां बटोरी हैं। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने इस खोज के पीछे रात-दिन एक करने वाली रिसर्च टीम की जमकर सराहना की है। सीएम ने इसे राज्य की प्राकृतिक विरासत के लिए एक बड़ा गौरव बताया है। यह खोज भारत और इंडोनेशिया के विभिन्न प्रतिष्ठित शैक्षणिक और वैज्ञानिक संगठनों के साझा प्रयास का परिणाम है, जिसने वैश्विक स्तर पर मेघालय के पारिस्थितिक महत्व को रेखांकित किया है।
‘कैलामरिया गारोएन्सिस’ की खोज कोई इत्तफाक नहीं, बल्कि कई बड़े संस्थानों की वर्षों की मेहनत है। इस रिसर्च में ‘हेल्प अर्थ’, ‘कॉटन यूनिवर्सिटी’, ‘असम डॉन बॉस्को यूनिवर्सिटी’, ‘मिजोरम यूनिवर्सिटी’, ‘भारतीय प्राणी सर्वेक्षण’ और ‘इंडोनेशिया की राष्ट्रीय अनुसंधान और इनोवेशन एजेंसी’ के वैज्ञानिकों ने मिलकर काम किया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह सांप जमीन के नीचे नमी वाले हिस्सों में रहना पसंद करता है। इसका पतला शरीर और छोटी आंखें इसे भूमिगत जीवन जीने के लिए अनुकूल बनाती हैं, जो इसे अन्य प्रजातियों से काफी अलग और रहस्यमयी बनाती हैं।
मेघालय का गारो हिल्स क्षेत्र दुनिया के प्रमुख बायोडाइवर्सिटी हॉटस्पॉट्स में से एक है। यहाँ के घने उष्णकटिबंधीय जंगल आज भी कई अनसुलझे रहस्यों को अपने भीतर समेटे हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में अभी भी कई ऐसी प्रजातियां मौजूद हैं, जिनका दस्तावेजों में दर्ज होना बाकी है। नई प्रजाति की खोज यह साबित करती है कि पूर्वोत्तर भारत सरीसृपों की विविधता के मामले में दुनिया के सबसे समृद्ध क्षेत्रों में से एक है। राज्य सरकार अब इन क्षेत्रों के संरक्षण और जैव विविधता अनुसंधान पर विशेष ध्यान दे रही है।
आम जनता के मन में सांपों को लेकर अक्सर जहर का डर रहता है, लेकिन ‘कैलामरिया गारोएन्सिस’ से डरने की जरूरत नहीं है। वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि यह प्रजाति पूरी तरह से बिना जहर वाली (Non-venomous) है। इसकी कुछ अन्य विशेषताएं इसे खास बनाती हैं:
अनोखी पूंछ: सामान्य सांपों की नुकीली पूंछ के विपरीत, इसकी पूंछ की बनावट काफी अलग और कुंद (blunt) होती है।
रहस्यमयी व्यवहार: यह सांप अधिकांश समय पत्तियों के ढेर या जमीन के नीचे छिपा रहता है, जिससे इसे देख पाना बहुत मुश्किल होता है।
रंग बदलने की कला: इस प्रजाति में वातावरण के अनुसार खुद को ढालने और हल्का रंग बदलने की क्षमता भी देखी गई है।
छोटा आकार: आकार में छोटे होने के कारण ये सांप इंसानों के लिए बिल्कुल भी खतरनाक नहीं हैं।
यह खोज न केवल विज्ञान के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह प्रकृति के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम भी है। शोधकर्ताओं का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय सहयोग भविष्य में अन्य अज्ञात प्रजातियों को दुनिया के सामने लाने में सहायक सिद्ध होंगे।
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