Andhra Pradesh News : आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जिसने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। चिमाकुर्ती मंडल के केवी अग्रहारम गांव में एक पिता ने अपनी तीन छोटी बेटियों की बेरहमी से हत्या करने के बाद खुद भी फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। मृतकों की पहचान 11 वर्षीय अच्युत, 9 वर्षीय पूजिता और 8 वर्षीय लोहिता के रूप में हुई है। इन तीन मासूम कलियों के असमय अंत ने समाज को एक गहरी पीड़ा और स्तब्ध कर देने वाली स्थिति में डाल दिया है।

पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव बना इस खौफनाक कदम का कारण
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह तथ्य उभरकर सामने आया है कि इस जघन्य वारदात के पीछे का मुख्य कारण पति-पत्नी के बीच चल रहा पारिवारिक कलह और पिता का मानसिक तनाव था। मृतका बच्चियों का पिता सुधाकर एक ग्रेनाइट खदान में बस ड्राइवर के रूप में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि सुधाकर और उसकी पत्नी के बीच पिछले काफी समय से गहरा विवाद चल रहा था, जिसके चलते उसकी पत्नी बच्चों और परिवार को छोड़कर अपने मायके चली गई थी। सुधाकर अपनी पत्नी को वापस लाने की कई बार नाकाम कोशिश कर चुका था, जिससे वह अत्यधिक अवसाद में था। अपनी पत्नी के अलग होने के बाद वह अपनी मां के साथ रह रहा था और इन्हीं तीन बेटियों की देखभाल की जिम्मेदारी उसके कंधों पर थी।

सुबह का झूठ और फिर एक भयावह अंत
घटना के दिन की परिस्थितियों ने पूरे गांव को चौंका दिया। सुधाकर ने बड़ी चतुराई से अपनी मां को गुमराह किया। सुबह उसने अपनी मां से कहा कि तीनों बेटियां अभी सो रही हैं और उन्हें जगाने की जरूरत नहीं है। इसके बाद उसने अपनी मां को यह कहकर घर से बाहर जाने के लिए कहा कि वह बच्चों के लिए नाश्ता लेने जा रहा है। कुछ समय बाद जब लोगों को सूचना मिली कि सुधाकर गांव के बाहर एक पेड़ से लटका हुआ मिला, तो परिवार में हड़कंप मच गया। जब परिजन आनन-फानन में घर पहुंचे, तो अंदर का मंजर देखकर उनकी रूह कांप गई; तीनों बच्चियां अपने बिस्तर पर मृत पड़ी थीं।
पुलिस जांच जारी: पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सुलझेगा हत्या का राज
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। बच्चियों के शरीर पर चोट के कोई स्पष्ट बाहरी निशान नहीं मिले हैं, जिसके कारण पुलिस को आशंका है कि पिता ने उन्हें जहर देकर या गला घोंटकर मौत के घाट उतारा होगा। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और विभिन्न पहलुओं से जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मौत के सही कारणों का पता विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा। इस दर्दनाक घटना ने पारिवारिक रिश्तों में बढ़ती दरार और मानसिक स्वास्थ्य की उपेक्षा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। मासूमों की इस तरह की मौत पर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश और दुख का माहौल है।
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