Anna Hazare Hospitalized : जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता और भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल के इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में डॉक्टर उनकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि हजारे गंभीर वायरल संक्रमण और शरीर में पानी की भारी कमी यानी डिहाइड्रेशन से जूझ रहे हैं।
वायरल संक्रमण और डिहाइड्रेशन की शिकायत
अन्ना हजारे को एक्यूट वायरल इन्फेक्शन के साथ गंभीर डिहाइड्रेशन की समस्या बताई गई है। बीमारी के कारण वह काफी कमजोर हो गए हैं। उनकी बिगड़ती तबीयत को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए महाराष्ट्र के अहमदनगर क्षेत्र स्थित उनके गांव रालेगण सिद्धि के पास से मुंबई लाया गया।
रालेगण सिद्धि के पास बिगड़ी थी तबीयत
जानकारी के मुताबिक, अन्ना हजारे पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और रालेगण सिद्धि के पास एक स्थानीय अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर जांच और उपचार के लिए उन्हें मुंबई शिफ्ट करने का फैसला किया। फिलहाल बॉम्बे हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही
अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। हालांकि, उम्र और संक्रमण की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टर उनकी सेहत की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। विभिन्न जांचों के नतीजों के आधार पर आगे की उपचार रणनीति तय की जाएगी। परिवार और समर्थक उनकी स्वास्थ्य स्थिति से जुड़ी विस्तृत जानकारी का इंतजार कर रहे हैं।
डॉक्टर गौतम भंसाली कर रहे इलाज
अन्ना हजारे का इलाज डॉ. गौतम भंसाली की निगरानी में किया जा रहा है। अस्पताल में उनकी नियमित जांच की जा रही है और ICU में आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी रखी गई है। डॉक्टरों का ध्यान संक्रमण को नियंत्रित करने और डिहाइड्रेशन की समस्या को दूर करने पर है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति में होने वाले किसी भी बदलाव पर मेडिकल टीम लगातार नजर रख रही है।
देशभर में आंदोलन से बनाई अलग पहचान
89 वर्षीय अन्ना हजारे ने करीब डेढ़ दशक पहले देशव्यापी ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) आंदोलन और अपने अनशन के जरिए देश के सामाजिक और राजनीतिक माहौल में बड़ा बदलाव पैदा किया था। भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन को देशभर में व्यापक समर्थन मिला था। इसके बाद वह सामाजिक आंदोलनों और जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार सक्रिय रहे हैं।
भूख हड़ताल बनी आंदोलन की पहचान
अन्ना हजारे के आंदोलनों में भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण विरोध प्रमुख माध्यम रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत लोकपाल व्यवस्था की मांग को लेकर किए गए उनके अनशन ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक बहस छेड़ दी थी। उनके आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और भ्रष्टाचार के मुद्दे को राजनीतिक चर्चा के केंद्र में लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
NEET मुद्दे पर भी जताया था समर्थन
हाल के दिनों में अन्ना हजारे ने NEET पेपर लीक के मुद्दे को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन को भी समर्थन दिया था। उन्होंने ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन के प्रति अपनी सहमति जताई थी। उन्होंने विद्यार्थियों और प्रदर्शनकारियों से जुड़े मुद्दे को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई थी।
संसद मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा
20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों द्वारा संसद की ओर किए गए मार्च के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी अन्ना हजारे ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के साथ कथित पुलिस हिंसा की निंदा की थी। उनके इस बयान के बाद एक बार फिर उनका नाम छात्र आंदोलनों और भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से जुड़े सार्वजनिक विमर्श में चर्चा में आया।
स्वास्थ्य अपडेट का इंतजार
फिलहाल अन्ना हजारे मुंबई के बॉम्बे हॉस्पिटल के ICU में डॉक्टरों की निगरानी में हैं। उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है, लेकिन चिकित्सकीय टीम उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रही है। उनके समर्थकों और शुभचिंतकों की नजर अब अस्पताल की ओर से जारी होने वाले अगले स्वास्थ्य अपडेट पर है। डॉक्टरों की जांच के बाद ही उनकी बीमारी और उपचार को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
Read More : Nepal Flood 2026 : नेपाल में बाढ़ से 939 मौतें, 3925 लापता; राहत अभियान के बीच बढ़ी चुनौतियां