CG TIN Portal: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को राज्य में TIN Portal की शुरुआत की। छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (CMDC) ने इंडियन ओवरसीज बैंक के सहयोग से यह डिजिटल पोर्टल तैयार किया है। इसका उद्देश्य बस्तर संभाग के जनजातीय समुदायों द्वारा संग्रहित टिन अयस्क की खरीदी से लेकर परिवहन, बिक्री, मूल्य निर्धारण और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है।
Mineral-to-Livelihood पहल से जुड़ेगा खनिज संसाधन
मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल को Mineral-to-Livelihood पहल बताया। सरकार का उद्देश्य प्राकृतिक खनिज संसाधनों से मिलने वाले आर्थिक लाभ को सीधे स्थानीय जनजातीय समुदायों की आजीविका से जोड़ना है। डिजिटल व्यवस्था के जरिए टिन संग्राहकों को बेहतर कीमत, आसान भुगतान और प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता उपलब्ध कराने की कोशिश की गई है।
LME आधारित मूल्य निर्धारण से मिलेगा उचित दाम
TIN Portal की प्रमुख विशेषता लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) आधारित मूल्य निर्धारण है। इसके माध्यम से टिन अयस्क की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के अनुरूप तय करने की व्यवस्था होगी। इससे संग्राहकों को मूल्य निर्धारण की प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता मिलेगी और उन्हें अपने उत्पाद का उचित मूल्य मिलने की उम्मीद है।
DBT से सीधे बैंक खाते में पहुंचेगा भुगतान
टिन की बिक्री से मिलने वाली राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के जरिए सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और भुगतान में देरी की संभावना घटेगी। बैंकिंग सिस्टम के एकीकरण से जनजातीय परिवारों को सुरक्षित डिजिटल भुगतान के साथ वित्तीय समावेशन का भी लाभ मिलेगा।
रजिस्ट्रेशन से स्टॉक मैनेजमेंट तक डिजिटल सुविधा
पोर्टल में डिजिटल हितग्राही पंजीयन, पहचान सत्यापन, बैंकिंग सेवाओं का एकीकरण, QR आधारित सत्यापन और स्मार्ट कार्ड जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसके अलावा ऑनलाइन स्टॉक प्रबंधन, भुगतान की स्वचालित गणना और ऑटोमेटेड रिपोर्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे टिन खरीदी की पूरी प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।
CMDC मुख्यालय से होगी रियल टाइम निगरानी
TIN Portal के जरिए CMDC मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और क्रय केंद्रों से टिन खरीदी की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा सकेगी। हितग्राहियों को SMS अलर्ट के माध्यम से टिन बिक्री, भुगतान और लेन-देन की स्थिति की जानकारी भी मिलती रहेगी। इससे प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
छह केंद्रों पर फिलहाल हो रही टिन खरीदी
CMDC वर्तमान में बस्तर संभाग में छह टिन क्रय केंद्रों के माध्यम से जनजातीय हितग्राहियों से अयस्क खरीद रहा है। दंतेवाड़ा में बचेली, कटेकल्याण और चिकपाल, जबकि सुकमा में तोंगपाल, नामा और चिंतलनार में ये केंद्र संचालित हैं। आने वाले समय में बस्तर, दंतेवाड़ा और सुकमा में तीन नए संग्रहण एवं क्रय केंद्र खोलने की योजना है।
नई SOP से सैंपलिंग प्रक्रिया होगी आसान
CMDC ने पोर्टल के साथ टिन अयस्क की खरीदी से बिक्री तक के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) भी लागू की है। अब प्रत्येक क्रय केंद्र के लिए अलग सैंपलिंग व्यवस्था होगी। सैंपल की संख्या 12 से घटाकर छह कर दी गई है और प्रत्येक सैंपल का मानकीकरण 50 ग्राम किया गया है।
री-एनालिसिस की सुविधा से विवाद का समाधान
टिन अयस्क के परीक्षण परिणाम पर असहमति होने की स्थिति में दोबारा जांच यानी री-एनालिसिस का विकल्प भी रखा गया है। इसके साथ ही मासिक विश्लेषण शुल्क को 14,400 रुपये से घटाकर 7,200 रुपये किया गया है। CMDC का अनुमान है कि इन बदलावों से सालाना करीब 10 लाख रुपये तक की बचत हो सकती है।
टिन खरीदी से बढ़ा जनजातीय परिवारों का आर्थिक लाभ
CMDC के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 8,707.2 किलोग्राम टिन अयस्क की खरीदी के बदले करीब 90.82 लाख रुपये का भुगतान किया गया। वहीं 2025-26 में 20,895.335 किलोग्राम टिन अयस्क के लिए लगभग 3.81 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ। डिजिटल भुगतान व्यवस्था से इस लाभ को और अधिक समयबद्ध बनाने का लक्ष्य है।
पारंपरिक टिन संग्रहण को स्थायी आजीविका से जोड़ने की कोशिश
बस्तर के दक्षिणी क्षेत्रों में जनजातीय समुदाय लंबे समय से टिन अयस्क संग्रहण करते रहे हैं। वर्ष 2013 में दंतेवाड़ा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत पांच टिन अयस्क संग्रहण सहकारी समितियां बनाई गई थीं। अब इन्हीं सामुदायिक गतिविधियों को डिजिटल तकनीक से जोड़कर अधिक व्यवस्थित और स्थायी आजीविका का माध्यम बनाने की कोशिश की जा रही है।
CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच MoU
कार्यक्रम के दौरान CMDC और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) भी हुआ। इसका उद्देश्य खनिज क्षेत्र में वित्तीय सहयोग बढ़ाना, टिन संग्राहकों के लिए पारदर्शी भुगतान व्यवस्था मजबूत करना और मूल्य संवर्धन से जुड़ी सुविधाओं को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पूरी Mineral Value Chain का होगा डिजिटल प्रबंधन
सरकार के अनुसार, TIN Portal केवल भुगतान की सुविधा नहीं है, बल्कि टिन की पूरी Mineral Value Chain को डिजिटल तरीके से प्रबंधित करने का माध्यम है। इससे खरीदी, स्टॉक, भुगतान और ऑडिट की निगरानी आसान होगी तथा सरकार को रियल टाइम जानकारी मिलेगी। इस पहल से बस्तर के प्राकृतिक संसाधनों को स्थानीय जनजातीय समुदायों की आय और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की उम्मीद है।
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