Assam News
Assam News: असम सरकार ने राज्य में अवैध कब्जे के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है। ताजा मामला बिश्वनाथ जिले का है, जहाँ प्रशासन ने एक बड़े अभियान के तहत करीब 87 एकड़ सरकारी जमीन को अतिक्रमणकारियों के चंगुल से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई के दौरान अवैध रूप से निर्मित ढांचों पर बुलडोजर चलाया गया। हालांकि, इस बार चर्चा केवल कार्रवाई की नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के उस सोशल मीडिया पोस्ट की भी है, जिसमें उन्होंने एक ब्रिटिश हॉलिडे कंपनी का जिक्र करते हुए अतिक्रमणकारियों पर तीखा तंज कसा है।
बिश्वनाथ में हुई इस कार्रवाई के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा किया। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, “जेट2 हॉलिडे (Jet2 Holiday) से बेहतर क्या हो सकता है? असम की संस्कृति और जनसांख्यिकी को नष्ट करने का प्रयास करने वाले अतिक्रमणकारियों से जमीनें मुक्त कराने की संतुष्टि से बढ़कर कुछ नहीं है।” मुख्यमंत्री ने अपने इस संदेश के अंत में चुटकी लेते हुए सभी को छुट्टियों की शुभकामनाएं दीं, लेकिन साथ ही यह भी लिखा कि यह शुभकामनाएं उन अतिक्रमणकारियों के लिए नहीं हैं जिनसे जमीन खाली कराई गई है।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद कई लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर यह ‘जेट2 हॉलिडे’ क्या है। दरअसल, जेट2 हॉलिडेज (Jet2holidays) यूनाइटेड किंगडम (UK) की सबसे बड़ी हॉलिडे पैकेज प्रदाता कंपनी है। यह कंपनी अपने ग्राहकों को फ्लाइट, होटल और ट्रांसपोर्टेशन का एक संपूर्ण ‘ATOL-प्रोटेक्टेड’ पैकेज देती है। इसे दुनिया भर में अपनी फ्लेक्सिबल बुकिंग, लो डिपॉजिट स्कीम और शानदार वेकेशन डेस्टिनेशंस जैसे कि ‘मेडिटेरेनियन बीच’ और ‘कैनरी द्वीप’ के लिए जाना जाता है। ब्रिटिश नागरिकों के लिए इस कंपनी के साथ छुट्टियां बिताना बेहद सुकूनभरा माना जाता है, और सीएम ने इसी ‘सुकून’ की तुलना अपनी अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई की ‘संतुष्टि’ से की है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, बिश्वनाथ में लंबे समय से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा जमाया गया था। स्थानीय शिकायतों और जांच के बाद, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने भारी सुरक्षा बल के साथ मौके पर पहुंचकर बुलडोजर एक्शन शुरू किया। करीब 87 एकड़ क्षेत्र में फैले अवैध घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को जमींदोज कर दिया गया। सरकार का तर्क है कि यह जमीन राज्य के विकास कार्यों या सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित थी, जिस पर अतिक्रमणकारियों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा असम में अवैध अतिक्रमण को लेकर हमेशा से मुखर रहे हैं। उनका मानना है कि अवैध कब्जे न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि ये असम की स्वदेशी संस्कृति और स्थानीय जनसांख्यिकी (Demography) के लिए भी खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक मंचों से दोहराया है कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के अनुसार, इस तरह की कार्रवाइयां राज्य के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा करने के लिए अनिवार्य हैं।
पिछले कुछ वर्षों में असम में बुलडोजर की कार्रवाई एक सामान्य प्रक्रिया बन गई है। चाहे वह संरक्षित वन क्षेत्र हों या मंदिर-मठों की जमीन, सरमा सरकार ने अतिक्रमण हटाने में कोई नरमी नहीं दिखाई है। बिश्वनाथ की यह घटना इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य हिस्सों में भी इसी तरह के कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। विपक्ष ने जहाँ इसे लक्षित कार्रवाई बताया है, वहीं मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून का पालन करना और राज्य की संपत्तियों को मुक्त कराना उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
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